अप्रैल महीने के पहले कुछ दिन शेयर बाजार के लिए शानदार रहे। सेंसेक्स (Sensex) में इस दौरान 2 फीसदी की अधिक उछाल आई और आज यानी सोमवार 4 अप्रैल को यह अपने बीते ढाई महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार के सभी सेगमेंट में उछाल देखने को मिली। हालांकि Sensex के उछाल में सबसे अधिक योगदान HDFC के दोनों शेयरों का रहा। HDFC बैंक में HDFC लिमिटेड के मर्जर के ऐलान से दोनों कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल आई।
दोनों बेंचमार्क इंडेक्स- सेंसेक्स और निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर पार करने में कामयाबी पाई। सेंसेक्स जहां 60 हजार अंक के पार बंद हुआ, वहीं Nifty50 ने 18 हजार के स्तर को पार किया।
Sensex सोमवार को 1,335 अंक या 2.25 फीसदी की उछाल के साथ 60,612 अंक पर बंद हुआ, जो 18 जनवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। वहीं Nifty 383 अंक या 2.17 फीसदी बढ़कर 18,053 अंक पर बंद हुआ।
BSE Sensex में 932 अंक या करीब 70 फीसदी की उछाल सिर्फ HDFC के दोनों शेयरों से आई। इसी तरह निफ्टी में आई कुल उछाल में करीब 57 फीसदी योगदान अकेले HDFC के दोनों शेयरों का रहा। सेंसेक्स में दोनों कंपनियों का संयुक्त वेटेज मर्जर के बाद सबसे ज्यादा हो जाएगा।
BSE Sensex में फिलहाल HDFC और HDFC बैंक के शेयरों का वेटेज क्रमश: तीसरे और पांचवे स्थान पर है। हालांकि दोनों के मर्जर के बाद HDFC बैंक का संयुक्त वेटेज 16.4 फीसदी हो सकता। फिलहाल BSE सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज 13.6 फीसदी वेटेज के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि इंफोसिस 10.4 फीसदी वेटेज के साथ दूसरे स्थान पर है।
Axis Securities के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर नवीन कुलकर्णी ने कहा, "HDFC का HDFC बैंक में मेगा मर्जर से HDFC को एक मजबूत हाउसिंग लोन पोर्टफोलियो बनाने और मौजूदा कस्टमर बेस को बढ़ाकर वैल्यू अनलॉक करने में मदद मिलेगा। मर्जर के बाद संयुक्त कंपनी निफ्टी-50 में सबसे अधिक वेटेज वाली कंपनी बन सकती है।"
उन्होंने कहा कि यह विलय भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाता है और रूस-यूक्रेन जंग और महंगाई से जुड़ी चिंताओं से हटकर लंबी अवधि के लिए एक उम्मीदों भरा तस्वीर पेश करता है।
नवीन कुलकर्णी का मानना है कि बाजार में रैली की अगली अगुआई बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के शेयर कर सकते हैं और उम्मीद जताई कि लोन ग्रोथ में लगातार सुधार के चलते बैंकों के चौथी तिमाही के नतीजे शानदार रह सकते हैं।
HDFC बैंक होगा देश का दूसरे सबसे बड़ा कॉरपोरेट
मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से, मर्जर के बाद HDFC बैंक देश की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन जाएगी। 4 अप्रैल के बाजार भाव के मुताबिक, HDFC बैंक और HDFC का संयुक्त मार्केट कैप 14.02 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। फिलहाल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 13.79 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ दूसरे नंबर पर है, रिलायंस इंडस्ट्रीज 18 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ नंबर एक पर बनी हुई है।
BSE का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4 अप्रैल को 272.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 20 जनवरी के बाद सबसे अधिक है। बीते 7 मार्च को बाजार ने अपने 7 महीने का सबसे निचला स्तर छुआ था और तब से अभी तक BSE का मार्केट कैप 31 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुका है।
सोमवार को BSE पर HDFC बैंक 9.81 फीसदी की बढ़त के साथ 1,654 रुपये पर और HDFC लिमिटेड 9.15 फीसदी बढ़कर 2,675.25 रुपये पर बंद हुआ।