Get App

अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई

Nifty पिछले चार हफ्तों से एक बड़े कंसोलिडेशन फेज में फंसा हुआ है और वीकली चार्ट पर छोटी बॉडी वाली कैंडल बना रहा है। यह बुल्स और बेयर्स के बीच किसी स्पष्ट दिशा को लेकर भरोसे की कमी को दिखाता है। बैंक निफ्टी अपने मुख्य मूविंग एवरेजेज से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 12, 2026 पर 11:19 AM
अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई
निफ्टी के लिए 23,950-23,900 का जोन इमीडिएट सपोर्ट का काम करेगा।

आने वाले हफ्ते में निफ्टी को अगर अप्रैल के हाई पर वापस पहुंचना है तो 24,500-24,550 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करना होगा। वहीं बैंक निफ्टी अगर 58,600 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 59,200 की ओर रैली का रास्ता खुल सकता है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं...

क्या आपको लगता है कि खरीदारी में नई दिलचस्पी को देखते हुए निफ्टी 50 आने वाले हफ्ते में अपने अप्रैल के हाई लेवल पर वापस पहुंच सकता है?

बाजार में खरीदारी में नई दिलचस्पी दिखी है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि आने वाले हफ्ते में निफ्टी के अप्रैल के हाई लेवल पर वापस पहुंचने की संभावना कम है। ऐसा तब तक होना कम संभव लगता है, जब तक कि यह 24,500-24,550 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार न कर ले। इंडेक्स पिछले चार हफ्तों से एक बड़े कंसोलिडेशन फेज में फंसा हुआ है और वीकली चार्ट पर छोटी बॉडी वाली कैंडल बना रहा है। यह बुल्स और बेयर्स के बीच किसी स्पष्ट दिशा को लेकर भरोसे की कमी को दिखाता है।

इसके बावजूद, उतार-चढ़ाव लगातार बढ़ रहा है और निफ्टी ने पिछले सात हफ्तों में अपनी सबसे बड़ी वीकली ट्रेडिंग रेंज देखी है। बढ़ते उतार-चढ़ाव और लंबे समय तक कंसोलिडेशन का ऐसा मेल अक्सर किसी बड़े दिशात्मक बदलाव से पहले होता है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल बने हुए हैं, डेली और वीकली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) दोनों ही एक रेंज में हैं और डेली ADX भी कमजोर है। यह किसी मजबूत ट्रेंड की कमी को दिखाता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें