Mukul Agrawal Portfolio: रेखा झुनझुनवाला, राधाकिशन दमानी और मुकुल अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो में कौन-कौन से शेयर हैं, किसे शामिल किया गया और किसे बेचा गया, इस पर आम लोगों की निगाहें लगी रहती हैं। मुकुल अग्रवाल की बात करें तो उन्होंने मार्च तिमाही में अपने पोर्टफोलियो में काफी बदलाव किया। उन्होंने 8 नए शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है तो तीन में हिस्सेदारी बढ़ा ली है। उन्होंने सिर्फ खरीदारी ही नहीं की है बल्कि ट्रेंडलाइन पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 8 शेयरों में होल्डिंग कम की है तो 5 शेयरों में हिस्सेदारी एक फीसदी से कम कर दी है।
अब चूंकि नियमों के मुताबिक कंपनियों को एक फीसदी से कम की होल्डिंग वाले निवेशकों का खुलासा करना जरूरी नहीं होता है तो जिनमें मुकुल की होल्डिंग एक फीसदी से कम हुई है, उसमें होल्डिंग का एग्जैक्ट खुलासा नहीं हो पाया है। यहां इन सभी स्टॉक्स की डिटेल्स, उनमें मुकुल अग्रवाल की होल्डिंग और शेयरों का मौजूदा भाव (BSE पर 21 जून को बंद भाव) दिया जा रहा है।
Mukul Agrawal Portfolio: इन्हें मिली जगह
पहले बात करते हैं कि मुकुल अग्रवाल ने अपने पोर्टफोलियो में किन शेयरों को नया शामिल किया है। इसमें 1.8 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, 5.40 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ऑलकार्गो गति, 1.20 फीसदी हिस्सेदारी के साथ हिंद रेक्टिफायर्स, 1.80 फीसदी हिस्सेदारी के साथ जगसनपाल फार्मा, 1.70 फीसदी हिस्सेदारी के साथ वेस्ट कोस्ट पेपर मिल्स, 1.30 फीसदी हिस्सेदारी के साथ क्विक हील टेक, 5.50 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ओरिएंटल रेल इन्फ्रा और 1.20 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पीटीसी शुमार है। इसके अलावा मुकुल ने डिशमैन कार्बोजेन एमसिस मं 0.5 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5.70 फीसदी, आईएसएमटी में 0.2 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाकर 1.60 फीसदी और स्ट्राइड्स फार्मा साइंस में 0.1 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाकर 1.60 फीसदी कर दी है।
मुकुल अग्रवाल ने की इन शेयरों की बिकवाली
मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से मुकुल अग्रवाल की पीडीएस में हिस्सेदारी 2.6 फीसदी और पिक्स ट्रांसमिशंस में 2.4 फीसदी है। इन दोनों ही शेयरों में मुकुल ने 0.1-0.1 फीसदी हिस्सेदारी कम की है। जेन टेक में हिस्सेदारी 0.2 फीसदी घटाकर 1.2 फीसदी कर दी है। अरमान फाइनेंशिल सर्विसेज में उनकी हिस्सेदारी 3.8 फीसदी और सिरका पेंट्स इंडिया में 2.6 फीसदी है। दोनों में उनकी हिस्सेदारी 0.3-0.3 फीसदी कम हुई है। एथोस में हिस्सेदारी 0.6 फीसदी घटकर 2 फीसदी, ढाबरिया पॉलीवुड में 2.8 फीसदी घटकर 1.1 फीसदी और शंकरा बिल्डिंग प्रोडक्ट्स में 1.3 फीसदी हिस्सेदारी घटकर 1.1 फीसदी रह गई है। वहीं करूर वैश्य बैंक, जेटीईकेटी, ऑयन एक्सचेंज, कैपेसाइट इंफ्राप्रोजेक्ट्स और जेनसॉल इंजीनियरिंग में हिस्सेदारी 1-1 फीसदी से कम रह गई है।