Multibagger Stocks: स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब कंपनी एपीएल अपोलो ट्यूब्स (APL Apollo Tubes) के शेयर दो दिन पहले रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे। वहीं लॉन्ग टर्म में इसने महज 10 साल में निवेशकों को करोड़पति बना दिया है। यह शेयर लॉन्ग टर्म के साथ-साथ शॉर्ट टर्म में भी पैसा छापने की मशीन साबित हुआ है। दो दिन पहले यह 10 महीने में 82 फीसदी से अधिक उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। इस हाई लेवल से यह 5 फीसदी फिसल चुका है लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसे खरीदारी के सुनहरे मौके के रूप में देखना चाहिए। घरेलू ब्रोकरेज फर्म शेयरखान के मुताबिक मौजूदा लेवल से यह अभी करीब 17 फीसदी उछल सकता है। इसके शेयर फिलहाल 1715.15 रुपये के भाव (Apl Apollo Tubes Share Price) पर हैं।
15 रुपये के शेयर ने बनाया करोड़पति
एपीएल अपोलो ट्यूब्स के शेयर 13 सितंबर 2013 को महज 15 रुपये में मिल रहे थे। अब यह 11334 फीसदी ऊपर 1715.15 रुपये पर है यानी महज 10 साल में इसने 88 हजार रुपये के निवेश पर निवेशकों को करोड़पति बना दिया। हालांकि ऐसा नहीं है कि इसने लॉन्ग टर्म में ही अच्छा रिटर्न दिया है बल्कि शॉर्ट टर्म में भी शानदार कमाई कराई है।
पिछले साल 10 नवंबर 2022 को यह एक साल के निचले स्तर 990 रुपये पर था। इसके बाद 10 महीने में ही यह 82 फीसदी से ऊपर उछलकर 6 सितंबर 2023 को 1806.20 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। हालांकि मुनाफावसूली के चलते यह सुस्त हुआ और इस लेवल से फिलहाल यह 5 फीसदी डाउनसाइड है।
Apl Apollo Tubes में अब आगे क्या है रुझान
एपीएल अपोलो ट्यूब्स देश की सबसे बड़ी स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूबिंग कंपनी है। सरकारी प्रोजेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अस्पतालों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2030 तक यह दोगुना बढ़कर 16 मीट्रिक टन पर पहुंच सकता है। इसकी देश के स्टील खपत में इसकी हिस्सेदारी मौजूदा 6 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी पर पहुंच जाएगी। अब एपीएल अपोलो ट्यूब्स की बात करें तो इसका फोकस अपनी क्षमता बढ़ाकर वित्त वर्ष 2025 तक 5 मीट्रिक टन और वित्त वर्ष 2030 तक 10 मीट्रिक टन तक कर लेने की है यानी स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब की बढ़ती मांग के अवसरों को भुनाने के लिए यह सबसे दमदार स्थिति में होगी। घरेलू ब्रोकरेज फर्म शेयरखान का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023-26 में इसका वॉल्यूम 27 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज फर्म का यह भी अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 में इसका वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (VAP) मिक्स मौजूदा 57 फीसदी से सुधरकर 70 फीसदी पर पहुंच सकता है। वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स में मार्जिन काफी हाई 6000-8000 रुपये प्रति टन का है जबकि एपीएल का मौजूदा मार्जिन 4500 रुपये प्रति टन है। ऐसे में वित्त वर्ष 2026 तक इसका EBITDA मार्जिन 34 फीसदी बढ़कर 6017 रुपये प्रति टन पर पहुंच सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023-26 में इसका नेट प्रॉफिट 45 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ सकता है। इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज ने 2000 रुपये के टारगेट प्राइस पर इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है।
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