Multibagger Stocks: निजी सेक्टर के दिग्गज बैंक फेडरल बैंक (Federal Bank) पर दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) को काफी भरोसा था और उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला (Rekha Jhunjhunwala) के भी पोर्टफोलियो में यह मौजूद है। इसके शेयरों ने निराश भी नहीं किया है। लॉन्ग टर्म में इसने निवेशकों को करोड़पति बना दिया है और कम टाइम फ्रेम में भी इसने अच्छा-खासा रिटर्न दिया है। महज सात महीने में इसने निवेशकों की पूंजी करीब 74 फीसदी बढ़ा दी है। इस साल जनवरी में यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन उसके बाद से चार महीने में ही यह 10 फीसदी से अधिक फिसल चुका है लेकिन ब्रोकरेज का भरोसा इस पर बरकरार है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म शेयरखान के मुताबिक मौजूदा लेवल से यह 32 फीसदी ऊपर चढ़ सकता है। इसके शेयर बुधवार को 129.30 रुपये (Federal Bank Share Price) पर बंद हुए थे। मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक इसमें रेखा झुनझुनवाला की 2.31 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें 100 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग है। 39 म्यूचुअल फंडों की इसमें 33.99 फीसदी, 11 बैंकों की 0.17 फीसदी और 19 इंश्योरेंस कंपनियों की 7.96 फीसदी हिस्सेदारी है।
22 साल में मिला 10711% रिटर्न
फेडरल बैंक के शेयर 11 मई 2001 को महज 1.19 रुपये में मिल रहे थे। अब यह 129.30 रुपये (9 मई 2023 का बीएसई पर क्लोजिंग प्राइस) पर है यानी कि 22 साल में निवेशकों की पूंजी 10711 फीसदी यानी 108 गुना बढ़ गया और एक लाख रुपये का निवेश 1.08 करोड़ रुपये की पूंजी बन गई। पिछले एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो 26 मई 2022 को यह 82.50 रुपये पर था जो इसका एक साल का निचला स्तर है। इसके बाद महज 8 महीने में यह करीब 74 फीसदी उछलकर 16 जनवरी 2023 को 143.35 रुपये की रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि शेयरों की यह तेजी यहीं थम गई और इस हाई से यह 10 फीसदी से अधिक फिसल चुका है।
Federal Bank के तिमाही नतीजे पर ब्रोकरेज की रेटिंग कायम
मार्च तिमाही में फेडरल बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 67 फीसदी और तिमाही आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 903 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म शेयरखान के मुताबिक हायर अदर इनकम और लोअर क्रेडिट कॉस्ट्स के चलते शुद्ध मुनाफा अनुमान से 10 फीसदी अधिक हासिल हुआ। हालांकि अगर अदर इनकम को एडजस्ट किया जाए तो बैंक की कमाई अनुमान से भी कम रही। वहीं इसका नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) भी अनुमान से कम रही और सालाना आधार पर 25 फीसदी और तिमाही आधार पर 2 फीसदी कम यानी 1904 करोड़ रुपये पर रही।
इसका मार्जिन तिमाही आधार पर 1.8 फीसदी फिसलकर 3.31 फीसदी पर आ गया। स्लिपेज तिमाही आधार पर 10 फीसदी बढ़ गया और स्लिपेज के मामले में सबसे अधिक झटका कृषि सेक्टर से इसे लगा। हालांकि मजबूत रिकलरी और अपग्रेड्स के चलते एसेट क्वालिटी का प्रदर्शन स्थाई रहा। इस प्रकार बैंक के लिए मार्च तिमाही मिली-जुली रही। ब्रोकरेज फर्म शेयरखान का मानना है कि मीडियम टर्म में बैंक का आरओए (रिटर्न ऑन एसेट्स) 1.2 फीसदी से अधिक रह सकता है। ब्रोकरेज ने 170 रुपये के टारगेट प्राइस पर इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है।
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