MF stress test : म्यूचुअल फंड स्ट्रेस टेस्ट का पहला दौर खत्म हो गया है। कैपिटल मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने सभी म्यूचुअल फंडों को अपनी तरलता का आकलन करने और उनके पोर्टफोलियो वास्तव में कितने तरल हैं, इसका आकलन करने का निर्देश दिया था। इस टेस्ट के पहले दौर से पता चला है कि अगर इक्विटी बाज़ार बुरी तरह से ढह गया और निवेशक म्यूचुअल फंडों से अपने पैसे निकालने के लिए दौड़ पड़े तो मिड-कैप फंडों को अपने पोर्टफोलियो का 50 फीसदी हिस्सा बेचने में औसतन लगभग 6 दिन लगेंगे। वहीं, स्मॉल-कैप फंडों को अपने पोर्टफोलियो का 50 फीसदी हिस्सा बेचने में औसतन लगभग 14 दिन लगेंगे।
