Fund of the Week: जानिए किस फंड ने 10 साल में एक लाख को 3.5 लाख रुपए बनाया

HDFC Balanced Advantage Fund: सेबी ने 2018 में म्यूचुअल फंड की स्कीमों की कैटेगरी में बदलाव किया। इसके बाद कई स्कीमों के नाम बदल गए। कुछ स्कीमों का मर्जर हो गया। कुछ स्कीमों का इनवेस्टमेंट मैनडेट बदल गया

अपडेटेड Jul 31, 2022 पर 2:16 PM
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हाल ही में HDFC MF से इस्तीफा देने वाले फंड मैनेजर प्रशांत जैन शुरुआत से ही इस फंड का प्रबंधन कर रहे थे

HDFC Balanced Advantage Fund: अगर आप म्यूचुअल फंड की किसी अच्छी स्कीम की तलाश में हैं तो आप HDFC BAF के बारे में सोच सकते हैं। इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। यह एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सबसे पुराने फंडों में से एक है। HDFC Mutual Fund देश का तीसरा सबसे बड़ा फंड हाउस है। आइए HDFC Balanced Advantage Fund के बारे में विस्तार से जानते हैं।

सेबी ने 2018 में म्यूचुअल फंड की स्कीमों की कैटेगरी में बदलाव किया। इसके बाद कई स्कीमों के नाम बदल गए। कुछ स्कीमों का मर्जर हो गया। कुछ स्कीमों का इनवेस्टमेंट मैनडेट बदल गया। एडीएफसी म्यूचुअल फंड ने अपनी दो स्कीमों 'एचडीएफसी प्रूडेंस फंड और एचडीएफसी ग्रोथ फंड' का विलय कर दिया। मर्जर के बाद इसका नाम HDFC Balanced Advantage Fund हो गया। मर्जर के बाद स्कीम के ट्रैक रिकॉर्ड के लिए एचडीएफसी प्रूडेंस फंड के रिकॉर्ड को लिया गया।

एचडीएफसी प्रूडेंस फंड की शुरुआत 1994 में हुई थी। इसे 20th Century AMC ने लॉन्च किया था। पहले इसका नाम Centurion Prudence Fund था। 20th Century AMC को पहले (1999) Zurich India AMC ने खरीदा। फिर HDFC AMC ने 2003 में Zurich India AMC को खरीद लिया। फिर इसका नाम एचडीफएसी प्रूडेंस फंड हो गया। एचडीएफसी एमएफ के सीआईओ और सीनियर फंड मैनेजर प्रशात जैन शुरुआत से ही इस फंड का प्रबंधन कर रहे थे। यह 28 साल तक एक ही फंड का प्रबंधन करने का रिकॉर्ड है। जैन ने 22 जुलाई को एचडीएफसी एमएफ से इस्तीफा दे दिया है।


HDFC BAF एक हाइब्रिड फंड है। इसका मतलब है कि यह फंड अपना इक्विटी और बॉन्ड दोनों में लगाता है। इक्विटी में एलोकेशन ज्यादा और बॉन्ड में कम होता है। एचडीएफसी बीएएफ ने अपना 65.7 फीसदी पैसा शेयरों में लगाया है। जिसमें से 46.42 फीसदी लार्जकैप में लगा है। 5.93 फीसदी मिडकैप्स में और 6.12 फीसदी स्मॉलकैप्स में लगा है। इसने अपना 25.7 फीसदी पैसा डेट (जैसे बॉन्ड) में लगाया है। इसमें से 19.74 फीसदी पैसा सरकारी सिक्योरिटीज में लगा है। हाइब्रिड फंड अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं, क्योंकि यह अपना कुछ पैसा डेट में लगाते हैं। 11 सितंबर 2000 से अब तक इस फंड का सालाना रिटर्न (एनुलाइज्ड रिटर्न) 16.59 फीसदी रहा। इस दौरान हाइब्रिड कैटेगरी का औसत रिटर्न 7.31 रहा।

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10 साल में इस फंड ने 1 लाख रुपये के एकमुश्त इनवेस्टमेंट को 3.56 लाख रुपये बनाया है। अगर आपने 28 जुलाई, 2012 को इस फंड में एक लाख रुपये इनवेस्ट किया होता तो आज आपका पैसा 3.56 लाख रुपये हो गया होता। इस दौरान फंड का एनुलाइज्ड रिटर्न 13.53 फीसदी रहा। इस दौरान इस कैटेगरी का औसत रिटर्न 7.31 फीसदी रहा। इस दौरान इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है।

इस फंड के पोर्टफोलियो में SBI (7.11%), HDFC Bank (4.76%), Coal India (4.37%), ICICI Bank (4.33%) NTPC (3.91%), ITC (3.46%) और Infosys (3.18%) शामिल हैं। डेट में इस फंड ने ज्यादातर निवेश सरकारी सिक्योरिटीज में किया है। इनमें RBI के ट्रेजरी बिल, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के बॉन्ड, डिबेंचर शामिल हैं। डेट में निवेश की वजह से स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट का ज्यादा असर इस फंड के एनएवी पर नहीं पड़ता है।

हाल ही में HDFC MF से इस्तीफा देने वाले फंड मैनेजर प्रशांत जैन शुरुआत से ही इस फंड का प्रबंधन कर रहे थे। उनके इस्तीफे के बाद इस फंड की कमान नए फंड मैनेजर के हाथ में होगी। बताया जाता है कि HDFC Balanced Advantage Fund का प्रबंधन गोपाल अग्रवाल, अनिल बांबुले और श्रीनिवास राममूर्ति मिलकर करेंगे।

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