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म्यूचुअल फंड की कई स्कीमों में निवेश पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की गारंटी नहीं, जानिए क्यों

इनवेस्टर को एक ही कैटेगरी की म्यूचुअल फंड की कई स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहिए। खासकर लार्जकैप फंड कैटेगरी में ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 24, 2022 पर 5:31 PM
म्यूचुअल फंड की कई स्कीमों में निवेश पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की गारंटी नहीं, जानिए क्यों
अगर आप अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो को डायवर्सिफायड बनाना चाहते हैं तो आपको ऐसी स्कीमों को तलाशना होगा, जिन्होंने अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है।

इनवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन (Diversification) जरूरी है। इसके बारे में बात तो हर निवेशक करता है, लेकिन कुछ ही इस पर अमल करते हैं। इसकी वजह यह है कि लोग इसके महत्व को ठीक तरह से नहीं समझते। डायवर्सिफिकेशन का मतलब एक जगह पूरा पैसा लगाने की जगह उसे कई जगह थोड़ा-थोड़ा लगाना है। डायवर्सिफिकेशन निवेशक को रिस्क (Risk) घटाने में हेल्प करता है।

इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। अगर आपको 1000 रुपये का निवेश करना है तो आप उसे एक ही कंपनी के शेयर में लगाने के बजाय पांच अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं। ऐसे में अगर एक कंपनी या दो कंपनियों का परफॉर्मेंस खराब होता है तो भी आपका पूरा पैसा नहीं डूबेगा, क्योंकि बाकी तीन कंपनियों का बेहतर परफॉर्मेंस आपके पैसे को पूरी तरह डूबने से बचा लेगा।

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दूसरी बात यह कि आपको एक ही सेक्टर की पांच कंपनियों के बजाय अलग-अलग सेक्टर की पांच कंपनियों में निवेश करना होगा। अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश का फायदा यह है कि अगर किसी एक सेक्टर का प्रदर्शन खराब होता है तो बाकी सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन के चलते आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

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