मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए मंगलवार 28 दिसंबर को एक बड़ा कदम उठाया। इसके तहत म्यूचुअल फंडों के लिए किसी स्कीम को बंद करने से पहले यूनिटधारकों की सहमति लेना अनिवार्य कर दिया गया। SEBI के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।
