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SEBI का फैसला, अब म्यूचुअल फंड स्कीम को बंद करने से पहले लेनी होगी यूनिटधारकों की मंजूरी

म्यूचुअल फंड के ट्रस्टीज को साधारण बहुमत के आधार पर मौजूदा यूनिटधारकों की सहमति लेनी होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 28, 2021 पर 7:47 PM
SEBI का फैसला, अब म्यूचुअल फंड स्कीम को बंद करने से पहले लेनी होगी यूनिटधारकों की मंजूरी
SEBI के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए मंगलवार 28 दिसंबर को एक बड़ा कदम उठाया। इसके तहत म्यूचुअल फंडों के लिए किसी स्कीम को बंद करने से पहले यूनिटधारकों की सहमति लेना अनिवार्य कर दिया गया। SEBI के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।

SEBI ने एक बयान में कहा कि म्यूचुअल फंड के ट्रस्टी जब भी किसी योजना को बंद करने या निश्चित अवधि की योजना (क्लोज इंडेड स्कीम) की यूनिट को समय समय से पहले भुनाने का फैसला करेंगे, तो उनके लिए अनिवार्य रूप से यूनिटधारकों की सहमति लेने को फैसला किया गया है।

बयान के अनुसार, "ट्रस्टीज को साधारण बहुमत के आधार पर मौजूदा यूनिटधारकों की सहमति लेनी होगी। इसके लिए प्रति यूनिट एक वोट के आधार पर मतदान होगा। मतदान का रिजल्ट स्कीम समाप्त खत्म करने की सूचना जारी होने के 45 दिन के भीतर प्रकाशित करने की जरूरत होगी।"

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