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पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने संभाली कमान, हेलमेट बनाने वाली इस कंपनी की बल्ले-बल्ले, 15% भागा शेयर

इस महीने के दौरान बच्चों के हेलमेट की बिक्री दोगुनी से ज्यादा हो गई है। इससे पता चलता है कि परिवारों में सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये आंकड़े मैन्युफैक्चरर से डीलरों को हुई शुरुआती बिक्री को दर्शाते हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 09, 2026 पर 12:34 PM
पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने संभाली कमान, हेलमेट बनाने वाली इस कंपनी की बल्ले-बल्ले, 15% भागा शेयर
ET की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि मई के महीने में कोलकाता में बिना हेलमेट गाड़ी चलाने के लिए 35,600 से ज्यादा चालान काटे गए

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में ट्रैफिक सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किए जाने के कारण हेलमेट की मांग में भारी बढ़ोतरी की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसके बाद मंगलवार के कारोबारी सत्र में हेलमेट बनाने वाली कंपनी स्टड्स एक्सेसरीज के शेयरों में जोरदार उछाल आया है। फिलहाल NSE पर स्टड्स एक्सेसरीज के शेयर 12.68 प्रतिशत बढ़कर 495 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। इससे पहले आज के ही सेशन के दौरान स्टॉक में 14.50 प्रतिशत तक की तेजी आई और यह इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

'द इकोनॉमिक टाइम्स'एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की सबसे बड़ी हेलमेट बनाने वाली कंपनियों में से एक स्टड्स एक्सेसरीज़ ने मई के दौरान पश्चिम बंगाल में अपनी सेल्स वॉल्यूम में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस खबर के बाद आज इस शेयर को पंख लग गए हैं। इस रिपोर्ट में इस बढ़ोतरी की वजह चुनाव नतीजों के बाद पूरे राज्य में हेलमेट नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तेज की गई कार्रवाई को बताया गया है।

कंपनी की बिक्री के आंकड़ों का हवाला देते हुए,ET ने बताया है कि इस महीने के दौरान बच्चों के हेलमेट की बिक्री दोगुनी से ज्यादा हो गई है। इससे पता चलता है कि परिवारों में सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये आंकड़े मैन्युफैक्चरर से डीलरों को हुई शुरुआती बिक्री को दर्शाते हैं।

स्टड्स एक्सेसरीज़ के जनरल मैनेजर (सेल्स और मार्केटिंग)आदित्य वर्मा ने ET से हुई बातचीत में कहा कि ये ऐसे इलाके हैं जहां लोग कभी हेलमेट नहीं पहनते थे या बहुत कम पहनते थे। अब यहां नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों के हेलमेट की बिक्री में बढ़ोतरी से पता चलता है कि हेलमेट पहनने का चलन सिर्फ अकेले गाड़ी चलाने वालों तक ही सीमित नहीं है,बल्कि पूरे परिवार इसे अपना रहे हैं।

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