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Nifty Bank में Union Budget के बाद 10% से अधिक की तेजी, इन 5 वजहों से निफ्टी बैंक में आ रही इतनी तेज उछाल

आम बजट में 2 सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन, PSU रीकैपिटलाइजेशन, बैड बैंक के गठन की घोषणा के साथ ग्रोथ-ओरिएंटेड बजट होने के कारण बैंकिंग सेक्टर में यह रैली देखने को मिली

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 10, 2021 पर 1:04 PM
Nifty Bank में Union Budget के बाद 10% से अधिक की तेजी, इन 5 वजहों से निफ्टी बैंक में आ रही इतनी तेज उछाल

भुवन भास्कर

आम बजट (Union Budget) के दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सेंसेक्स ने 22 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक दिन में 5% की बढ़त का नया कीर्तिमान बनाया। साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की निफ्टी में भी करीब 5% की उछाल देखने को मिली। साथ ही Nifty Bank भी रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई और यह तेजी अभी जारी है। बजट पेश होने से लेकर अब तक Nifty Bank में 10% से अधिक की उछाल आ चुकी है। आज दोपहर 3.15 बजे Nifty Bank 3.47% यानी 1143 अंकों की तेजी के साथ 34,235.30 अंकों पर ट्रेड कर रही थी।

वित्त मंत्री द्वारा आम बजट में 2 सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन, PSU रीकैपिटलाइजेशन, बैड बैंक के गठन की घोषणा के साथ ग्रोथ-ओरिएंटेड बजट होने के कारण बैंकिंग सेक्टर में यह रैली देखने को मिली है। बजट के बाद केवल 2 दिनों में Nifty Bank में 10% से अधिक की उछाल आ चुकी है और यह बढ़त अभी जारी है। जिन बैंकों को इस रैली से सबसे अधिक फायदा हुआ है, उनमें ICICI बैंक, HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, SBI और इंडसइंड जैसे बैंक शामिल हैं। Nifty Bank आज इंट्राडे में रिकॉर्ड हाई 34,652.50 अंकों पर पहुंच गया। हालांकि, इस तेजी का फायदा उठाने के लिए इंवेस्टर्स ने मुनाफावसूली भी की है।

नए प्लेयर्स को मिलेगा बैंकिंग सेक्टर में एंट्री मारने का मौका

विशेषज्ञों का कहना है कि इस ग्रोथ ओरिएंटेड बजट के बाद निवेशकों को रुझान सबसे अधिक फाइनेंस सेक्टर के स्टॉक्स की तरफ हुआ है। Orowealth के को-फाउंडर विजय कुप्पा ने Moneycontrol को बताया कि स्ट्रेस्ड ऐसेट फंड का गठन और 2 PSU बैंकों का प्राइवेटाइजेशन बैंकिंग इकोसिस्टम के लिए बहुत ही पॉजिटिव खबर है। उन्होंने कहा कि PSU बैंकों के प्राइवेटाइजेशन से नए प्लेयर्स को बैंकिंग सेक्टर में एंट्री मारने का मौका मिलेगा और इससे लेंडिग प्रैक्टिस में भी सुधार आएगा।

2021 में ये बैंक स्टॉक्स 30% तक उछले

वर्ष 2021 में अब तक ICICI बैंक, SBI, एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक और IDFC First बैंक के स्टॉक्स में 10% से लेकर 30% तक की उछाल आई है। वहीं, HDFC, ICICI और IDFC First Bank ने तो 52 सप्ताह की नई ऊंचाई को छुआ है। Kotak Securities की हेड ऑफ फंडामेंटल रिसर्च रुष्मिक ओजा (Rusmik Oza) ने Moneycontrol को बताया कि ग्रोथ-ओरिएंटेड इस बजट ने बैंकिंग और NBFCs सहित सभी साइक्लिक और इकोनॉमिक ड्रिवेन सेक्टर में तेजी की संचार किया है।

इन 5 वजहों से Nifty Bank में आ रही इतनी जबरदस्त उछाल

Bad Bank

बजट में वित्त मंत्री ने बैंकों के लोन बुक को क्लीयर करने और इनके NPA की समस्या को सुलझाने के लिए ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी और ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी यानी बैड बैंक (Bad Bank) के गठन की घोषणा की। Bad Bank बैंकों के स्ट्रेस्ड डेट (Stressed Debt) को टेकओवर करेंगे और उन्हें मैनेज करके अल्टरनेट इंवेस्टमेंट फंड्स या दूसरे इच्छुक निवेशकों को जारी करेंगे। इससे बैंकों को काफी फायदा होगा

PSU बैंकों का प्राइवेटाइजेशन

IDBI बैंक और जनरल इंश्योरेंस कंपनी तो छोड़कर केंग्र सरकार अगले वित्त वर्ष में 2 और सरकारी बैंकों और 1 इंश्योरेंस कंपनी को प्राइवेटाइज करेगी। हालांकि, किन बैंको और इंश्योरेंस कंपनी की निजीकरण होगा, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन JM Financial के विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भविष्य में और PSU बैंकों के प्राइवेटाइजेशन का रास्ता खुलेगा। बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल हबैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र या फिर यूको बैंक में से किन्हीं 2 बैंकों का प्राइवेटाइजेशन हो सकता है।

PSU बैंकों का रीकैपिटलाइजेशन: केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष में देश के सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये कैपिटल इंफ्यूज करेगी। इससे बैंकों को काफी फायदा होगा। इस वजह से भी बैंकिंग स्टॉक्स में रैली आ रही है।

DFI का गठन

बजट 2021 में इंफ्रास्ट्रक्चर की फाइनेंस की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (Development Finance Institution- DFI) के गठन की घोषणा की है। यह संस्था इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करेगी। 3 साल में इसका कैपिटलाइजेशन कम से कम 5 लाख करोड़ रुपये करने की योजना है, जिसमें सरकार 20,000 करोड़ रुपये डालेगी और बाकी राशि प्राइवेट प्लेयर्स डालेंगे। इससे भी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूसंस को काफी फायदा होगा, हालांकि यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है और इसका गठन किस तरह होगा, यह देखने वाली बात होगी।

InVITs और REITs डिविडेंड पर TDS में छूट

केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (InVITs) और रियल ऐस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) में निवेश पर मिलने वाले लाभांश (dividend) में TDS पर छूट देने की घोषणा की है। Centrum Capital Ltd के संदीप उपाध्याय ने कहा कि सरकार के इस फैसले से सॉवरेन वेल्थ फंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे। इन 5 वजहों से Nifty Bank में और तेजी आने की उम्मीद है।

(लेखक आर्थिक मामलों के जानकार हैं)

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