आईटी कंपनियों के शेयरों में 22 अप्रैल को बड़ी गिरावट आई। इसका असर निफ्टी आईटी इंडेक्स पर पड़ा। यह करीब 5 फीसदी क्रैश कर गया। आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजों का असर शेयरों पर पड़ा। सबसे ज्यादा 10.98 फीसदी की गिरावट एचसीएल टेक के शेयरों में आई। कंपनी ने 21 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजे पेश किए। नतीजे बाजार के अनुमान से कमजोर रहे।
एचसीएल टेक के शेयरों पर कमजोरी नतीजों का असर
एचसीएल टेक का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 4 फीसदी बढ़कर 4,488 करोड़ रुपये रहा। एनालिस्ट्स को नेट प्रॉफिट 4,657 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में भी 5.16 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे कमजोर है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कई मानकों पर कंपनी का प्रदर्शन अनुमान के मुकाबले कमजोर है।
टेक महिंद्रा ने प्रति शेयर 36 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया
टेक महिंद्रा ने मार्च तिमाही के नतीजे 22 अप्रैल को पेश किए। नतीजों से पहले कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट थी। यह 6.23 फीसदी गिरकर 1,407 रुपये पर चल रहा था। लेकिन, नतीजों के बाद शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। शेयर करीब 1.47 फीसदी कमजोर चल रहा था। कंपनी ने प्रति शेयर 36 रुपये फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। कंपनी की कंसॉलिडेटेड इनकम 15076 करोड़ रुपये रही। प्रॉफिट 1,354 करोड़ रुपये रहा।
कोफोर्ज और इंफोसिस के शेयरों में भी गिरावट
कोफोर्ज के शेयरों में भी गिरावट दिखी। यह 5.79 फीसदी गिरकर 1,218 रुपये पर था। एलटीआईमाइंडट्री का शेयर 4 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,565 रुपये पर चल रहा था। टीसीएस के नतीजे पहले ही आ चुके हैं। कंपनी का शेयर करीब 4 फीसदी नीचे चल रहा था। इंफोसिस का शेयर 4.23 फीसदी नीचे चल रहा था। कंपनी 23 अप्रैल को नतीजों का ऐलान करेगी।
आईटी शेयरों ने बढ़ाया बाजार पर दबाव
आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट ने पूरे बाजार पर दबाव बढ़ाया। 2 बजे निफ्टी 0.60 फीसदी यानी 147 अंक गिरकर 24,427 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.75 फीसदी यानी 595 अंक की कमजोरी के साथ 78,666 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में 0.17 फीसदी की गिरावट दिखी। हालांकि, मिडकैप निफ्टी इंडेक्स हरे निशान में था। 21 अप्रैल को बाजार चढ़ा था। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत जल्द शुरू होने की उम्मीद थी।