निफ्टी में आ सकती है 7-8% तक की और गिरावट, इनवेस्को के ताहेर बादशाह ने दी चेतावनी
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इनवेस्को म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर, ताहेर बदशाह ने चेतावनी दी है कि कंपनियों के अर्निंग अनुमानों में कटौती और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते निफ्टी-50 में अभी 7-8% तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है
शेयर बाजार की मौजूदा कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल अनिश्चितता है
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इनवेस्को म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर, ताहेर बदशाह ने चेतावनी दी है कि कंपनियों के अर्निंग अनुमानों में कटौती और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते निफ्टी-50 में अभी 7-8% तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है। उन्होंने CNBC-TV18 के साथ एक बातचीत में ये बातें कहीं।
14 अरब डॉलर से भी अधिक का एसेट्स मैनेज करने वाले ताहेर बदशाह ने बताया कि पहले बाजार वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए 13-15% की अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगा रहा था, लेकिन अब यह घटकर 6-7% तक आ सकता है।
उन्होंने कहा कि महंगाई में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल तनाव जैसे कारण, कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में एनालिस्ट्स अपने अर्निंग्स अनुमानों को लगातार कम कर रहे हैं।
बदशाह ने यह भी आगाह किया कि अगर मौजूदा परिस्थितियां और खराब होती हैं, तो बाजार लगभग शून्य अर्निंग ग्रोथ को भी कीमतों में शामिल करना शुरू कर सकता है। इसका सीधा मतलब होगा कि शेयरों की वैल्यूएशन पर और दबाव आएगा और बाजार में गिरावट का दायरा बढ़ सकता है।
ब्रॉडर मार्केट में ज्यादा जोखिम
इनवेस्को के CIO के मुताबिक, जहां निफ्टी में 7-8% की गिरावट संभव है, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में यह गिरावट 10% तक जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि बाजार अभी अपने निचले स्तर पर नहीं पहुंचा है और आगे कुछ और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
कब दिखेगा असर?
कमाई पर असर के समय को लेकर बदशाह का मानना है कि मार्च तिमाही में बड़ा झटका देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, जून तिमाही (Q1FY27) से असर साफ दिखना शुरू हो सकता है, खासकर अगर एनर्जी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे संकट का “पूरा असर” साल 2026 के दूसरे हिस्से में ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आएगा।
IT सेक्टर पर नजर, वैल्यू का मौका
आईटी सेक्टर को लेकर बदशाह का रुख थोड़ा पॉजिटिव दिखा। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भारी गिरावट के बाद अब यह सेक्टर वैल्यू के लिहाज से आकर्षक लगने लगा है। उनका मानना है कि IT सेक्टर ने पिछले 3-6 महीनों में सबसे ज्यादा गिरावट झेली है और अब इसमें “मीन रिवर्जन” यानी सामान्य स्तर पर वापसी की संभावना बन रही है।
इसके अलावा, इस सेक्टर का मौजूदा भू-राजनीतिक संकट से सीधा जोखिम भी तुलनात्मक रूप से कम है, जो इसे निवेशकों के लिए एक संभावित सुरक्षित विकल्प बना सकता है।
ग्लोबल अनिश्चितता बनी बड़ी चिंता
शेयर बाजार की मौजूदा कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। महंगाई बढ़ने का खतरा और ब्याज दरों के ऊंचे बने रहने की आशंका भी बाजार के लिए नेगेटिव संकेत दे रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ताहेर बदशाह की चेतावनी साफ संकेत देती है कि बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव बाकी है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गिरावट के बाद बेहतर वैल्यूएशन पर अच्छे स्टॉक्स में निवेश के मौके भी बन सकते हैं, खासकर उन सेक्टर्स में जो ज्यादा पिट चुके हैं।
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