आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।
भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद
भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन
उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।
बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है
बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।
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