Nifty Outlook: 6 अप्रैल को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से फैक्टर रहेंगे अहम? जानिए एक्सपर्ट से
Nifty Outlook: निफ्टी में तेज उतार-चढ़ाव के बीच 6 अप्रैल के लिए बाजार की दिशा कई फैक्टर तय करेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल अहम हैं। वहीं, पश्चिम एशिया तनाव और Q4 रिजल्ट बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। जानिए डिटेल।
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, 22,200 के आसपास खरीदारी देखने को मिली है।
Nifty Outlook: बुधवार को हल्की राहत के बाद गुरुवार को बाजार की शुरुआत काफी कमजोर रही थी। Nifty खुलते ही करीब 300 अंक टूटकर 22,383 पर आ गया था। शुरुआती कारोबार में बिकवाली और तेज हो गई। इससे इंडेक्स पहले घंटे के भीतर ही 22,182 के इंट्राडे लो तक फिसल गया।
लेकिन सुबह 10:15 बजे के बाद बाजार का पूरा मिजाज बदल गया। खरीदारी लौटी और Nifty निचले स्तर से करीब 600 अंक उछल गया। दिन के आखिर में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन Nifty 33 अंक की बढ़त के साथ 22,713 पर बंद हुआ।
हालांकि हफ्ते के नजरिए से देखें तो बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान Nifty में 0.47 प्रतिशत की गिरावट आई, जो कोविड-19 के बाद की सबसे लंबी गिरावट की सीरीज है।
किन शेयरों में रही हलचल
इंडेक्स में HCL Tech, Tech Mahindra और Tata Consumer जैसे शेयरों में अच्छी तेजी रही। वहीं Asian Paints, Eicher Motors और Sun Pharma पर दबाव देखने को मिला।
सेक्टोरल ट्रेंड्स पूरी तरह एक दिशा में नहीं थे। IT, रियल्टी और मेटल सेक्टर में खरीदारी दिखी, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर कमजोर रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 इंडेक्स निचले स्तर से 3 प्रतिशत से ज्यादा उछले, लेकिन आखिर में हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे भी बनी रह सकती है वोलैटिलिटी
आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव पर रहेगी। इसके साथ ही Q4 रिजल्ट सीजन की शुरुआत भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा सकती है।
मार्च तिमाही में रुपये की कमजोरी, महंगे क्रूड के चलते बढ़ती इनपुट कॉस्ट और ग्लोबल डिमांड में असमानता जैसी चुनौतियां सामने आई हैं।
कौन से फैक्टर बाजार को चलाएंगे
टाटा ग्रुप की Tata Consultancy Services (TCS) 9 अप्रैल को अपने नतीजे जारी करेगी। इस पर बाजार की खास नजर रहेगी, क्योंकि इससे IT सेक्टर और पूरे रिजल्ट सीजन की दिशा तय हो सकती है।
कुल मिलाकर, जियोपॉलिटिकल तनाव, क्रूड की कीमतें, FII फ्लो और ग्लोबल संकेत आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगे। अगर वेस्ट एशिया में तनाव कम होता है, तो क्रूड सस्ता हो सकता है और रुपये को सहारा मिल सकता है। वहीं तनाव बढ़ने पर विदेशी निवेश पर असर पड़ सकता है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, 22,200 के आसपास खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन, मजबूत वापसी के लिए Nifty का 23,000 के ऊपर टिकना जरूरी है। फिलहाल 22,400 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है।
Centrum Finverse के नीलेश जैन का कहना है कि 22,180 से आई तेज रिकवरी आगे के लिए अहम सपोर्ट बन सकती है। हालांकि ट्रेंड अभी कमजोर है, लेकिन 23,200 तक पुलबैक संभव है।
LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, Nifty निकट भविष्य में 23,300 तक जा सकता है। वहीं, 22,500 पर सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन में जा सकता है।
Bank Nifty के अहम स्तर
SBI Securities के सुदीप शाह के अनुसार, Bank Nifty के लिए 51,100-51,000 का जोन अहम सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट 50,500 और 50,000 तक जा सकती है। ऊपर की ओर 52,000-52,100 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।
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