भारतीय शेयर बाजारों में दोपहर बाद अचानक बड़ी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो चुका है। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश कर गए। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक गिरकर 23,882 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर क्लोज हुआ।
दोपहार बाद अचानक बाजार में आई बड़ी तेजी
आज सुबह में घरेलू शेयर बाजार कमजोर खुले। दोपहर तक बाजार के प्रमुख सूचकांक दबाव में चल रहे थे। बैंकिंग शेयरों में गिरावट की वजह से बैंक निफ्टी भी नीचे था। लेकिन, दोपहर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के ऐलान से बाजार के प्रमुख सूचकांक क्रैश कर गए। सेंसेक्स 1700 अंक तक गिर गया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इसका असर क्रूड की कीमतें पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।
छोटे-बड़े ज्यादातर शेयरों में गिरावट
छोटे-बड़े ज्यादातर शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट, मारुति सुजुकी के शेयर शामिल रहे। इन शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट दिखी।
निफ्टी के सभी सूचकांक लाल निशान में आए
निफ्टी के करीब सभी सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। Nifty Smallcap 100 सूचकांक 1.97 फीसदी तक गिर गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स भी 1.57 फीसदी फिसला। ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.5 फीसदी गिरा। आयल मार्केटिंग कंपनियों, पेंट बनाने वाली कंपनियों, एयरलाइंस कंपनियों और टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर ज्यादा दबाव दिखा।
दक्षिण कोरिया सहित एशियाई बाजारों में भी गिरावट
अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने का असर दूसरे एशियाई बाजारों पर भी दिखा। जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और चीन के बाजारों में गिरावट आई। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में तो पहले से ही काफी गिरावट थी। जून के अपने ऑल-टाइम हाई से यह 20 फीसदी क्रैश चुका है। 8 जुलाई की गिरावट के बाद यह बेयर मार्केट में प्रवेश कर गया।
इंडिया वीआईएक्स में अचानक उछाल
अमेरिका और ईरान के बीज सीजफायर खत्म होने की खबर से इंडिया वीआईएक्स 15 पर पहुंच गया। यह एक दिन में 28 फीसदी उछाल है। इसका मतलब है कि आगे बाजार पर दबाव दिख सकता है। जुलाई भारतीय शेयर बाजार के लिए अब तक अच्छी दिख रही थी। लेकिन, अचानक ट्रंप के ऐलान से बाजारों को बड़ा झटका लगा है।
क्रूड महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने का मतलब है कि फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बंद हो जाएगी। इसका सीधा असर क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई पर पड़ेगा। दूसरा, क्रूड की कीमतों में उछाल से फिर से एनर्जी यानी पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ने का खतरा होगा। इसका असर इनफ्लेशन पर भी पड़ेगा।