Nifty, Sensex में लगातार गिरावट से मधुसूदन केला, आशीष कचोलिया सहित कई दिग्गज निवेशकों को भी बड़ा नुकसान

पारेश मोहनलाल पारेख और हेमेंद्र कोठारी के पोर्टफोलियो की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी है। इनके पोर्टफोलियो में 10 मार्च तक क्रमश: करीब 20 फीसदी और 18 फीसदी गिरावट आई है। दिसंबर तिमाही में पारेख का पोर्टफोलियो 15 फीसदी बढ़ा था, जबकि कोठारी के पोर्टफोलियो में 14 फीसदी गिरावट आई थी

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 7:52 PM
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28 फरवरी को मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से निफ्टी 5 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

शेयरों में आपके निवेश की वैल्यू घटी है? ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं है। कई दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो में बड़ी गिरावट आई है। इनमें मधुसूदन केला, आशीश कचोलिया, पारेश पारेख, आशीष धवन, मुकुल अग्रवाल और हेमेंद्र कोठारी जैसे दिग्गज इनवेस्टर्स शामिल हैं। 2026 में इन निवेशकों का पोर्टफोलियो नुकसान में है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई है। यह लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी, जिसके बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है।

पारेश पारेख के पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा गिरावट

पारेश मोहनलाल पारेख और हेमेंद्र कोठारी के पोर्टफोलियो की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी है। इनके पोर्टफोलियो में 10 मार्च तक क्रमश: करीब 20 फीसदी और 18 फीसदी गिरावट आई है। दिसंबर तिमाही में पारेख का पोर्टफोलियो ने 15 फीसदी बढ़ा था, जबकि कोठारी के पोर्टफोलियो में 14 फीसदी गिरावट आई थी। इस साल 10 मार्च तक मधुसूदन केला का पोर्टफोलियो 17 फीसदी गिराकर 1,736 करोड़ रुपये रह गया। दिसंबर तिमाही में केला का पोर्टफोलियो करीब 7 फीसदी गिरा था।


मुकुल अग्रवाल का पोर्टफोलियो 16 फीसदी फिसला

इस साल मुकुल अग्रवाल का पोर्टफोलियो करीब 16 फीसदी गिरकर 5,268 करोड़ रुपये रह गया। दिसंबर 2025 में यह 6,249 करोड़ रुपये था। दिसंबर तिमाही में अग्रवाल का पोर्टफोलियो करीब 5 फीसदी बढ़ा था। इस साल अब तक कचोलिया का पोर्टफोलियो करीब 15 फीसदी और आशीष धवन का पोर्टफोलियो करीब 13 फीसदी गिरा है। दिसंबर तिमाही में कचोलिया का पोर्टफोलियो करीब 8 फीसदी चढ़ा था, जबकि धवन का पोर्टफोलियो करीब 19 फीसदी गिरा था।

विजय केडिया का पोर्टफोलियो 10 फीसदी गिरा

यह जानकारी प्राइम डेटाबेस के शेयरहोल्डिंग डेटा पर आधारित है। इसमें 1 फीसदी से ज्यादा निवेश वाली कंपनियों की जानकारी शामिल है। मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से विजय केडिया का पोर्टफोलियो 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। दिसबंर तिमाही में उनका पोर्टफोलियो 7 फीसदी गिरा था। अजय उपाध्याय के पोर्टफोलियो में इस साल 8.2 फीसदी गिरावट आई है। दिसंबर तिमाही में यह 4 फीसदी गिरा था।

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राधाकिशन दमानी के पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़ी

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद कुछ दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़ी है। इनमें राधाकिशन दमानी और वाय एम अब्दुल कादेर शामिल हैं। इन दोनों के पोर्टफोलियो की वैल्यू क्रमश: करीब 4 फीसदी और 2 फीसदी बढ़ी है। हालांकि, दिसंबर तिमाही में दमानी का पोर्टफोलियो करीब 16 फीसदी गिरा था और कादेर का पोर्टफोलियो करीब 33 फीसदी चढ़ा था।

शेयर बाजार पर मध्यपूर्व में लड़ाई का असर 

मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। 11 मार्च को बाजार में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 1.63 फीसदी यानी 394.75 प्वाइंट्स गिरकर 23,866 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.72 फीसदी यानी 1,342 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 76,863 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में 2.13 फीसदी यानी 1,215 अंक की गिरावट आई। इस गिरावट ने निवेशकों को डरा दिया है। खासकर नए निवेशक ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने अब तक बड़ी गिरावट नहीं देखी है।

 

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