आईटी इंडेक्स का टेक्निकल सेटअप निफ्टी से बेहतर, मिडकैप की तुलना में लार्जकैप आईटी ज्यादा बेहतर: विनय राजानी

निफ्टी 500 इंडेक्स के 200 डीएमए से ऊपर चल रहे शेयरों का प्रतिशत दिसंबर 2022 में 68 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत तक पहुंच गया है। निष्कर्ष के तौर पर कह सकते हैं कि भारतीय बाजार की ब्रेड्थ धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। यानी गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में ज्यादा हो रही है

अपडेटेड Jan 23, 2023 पर 3:59 PM
Story continues below Advertisement
साल 2022 में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा लूजर रहा। अमेरिकी टेक सूचकांक नैस्डैक भी अन्य ग्लोबल इंडेक्स की तुलना में सबसे ज्यादा गिरा है

HDFC Securities के विनय राजानी ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कहा है कि दिसंबर 2022 में निफ्टी ने मंथली चार्ट पर एक बियरिश इंगल्फिंग पैटर्न बनाया है। इसके साथ ही इंडिया विक्स वर्तमान में निचले छोर पर दिख रहा है। इस समय डायरेक्शनल मूव अप साइड की तुलना में डाउनसाइड की तरफ ज्यादा दिख रहे हैं। गिरावट की संभावना को नकारने के लिए निफ्टी को क्लोजिंग बेसिस पर 18500 का स्तर पार करना होगा। फाइनेंशियल मार्केट का 16 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले विनय राजानी की ऑप्शन ट्रेडरों के सलाह है कि वे सेलिंग के बजाय ऑप्शन बाइंग पर ज्यादा फोकस करें क्योंकि निफ्टी में जल्द ही कंसोलीडेशन का दौर पूरा होता नजर आ सकता है। इसके साथ ही वोलैटिलिटी में और बढ़त देखने को मिल सकती है।

आईटी इंडेक्स का टेक्निकल सेटअप निफ्टी से बेहतर

विनय राजानी का कहना है कि तिमाही नतीजों के आने के बाद अब तक ज्यादातर लार्जकैप आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स का टेक्निकल सेटअप निफ्टी से बेहतर नजर आ रहा है और यह आउटपरफॉर्मेंस आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। साल 2022 में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा लूजर रहा। अमेरिकी टेक सूचकांक नैस्डैक भी अन्य ग्लोबल इंडेक्स की तुलना में सबसे ज्यादा गिरा है। टेक्नोलॉजी शेयरों का सबसे बुरा दौर बीत चुका है। हालांकि रनिंग करेक्शन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में विनय राजानी की आईटी शेयरों में गिरावट पर धीरे-धीरे खरीद शुरू करने की सलाह है। विनय को मिडकैप की तुलना में लार्ज कैप आईटी ज्यादा अच्छे नजर आ रहे हैं।


Budget 2023: राइट होराइजन्स के अनिल रेगो की राय, बजट में मिडिल क्लॉस को मिल सकती है टैक्स राहत 

Nifty500 से मिल रहे मार्केट ब्रेड्थ में कमजोरी के संकेत

क्या शॉर्ट से मीडियम टर्म में बाजार में तेजी रहेगी? इस सवाल का जवाब देते हुए विनय ने कहा कि अगर Nifty500 के 50 फीसदी से ज्यादा शेयर अपने 200 DMA से ऊपर हों तो इसको बुलिश ट्रेंड माना जाता है। हालांकि सिर्फ 200 DMA के ऊपर चल रहे शेयरों के आंकड़ो को ध्यान न रखकर इस इंडीकेटर के ओवरऑल ट्रेंड पर नजर रखें। दिसंबर 2022 में निफ्टी में 200 डीएमए से ऊपर के शेयरों का प्रतिशत 94 फीसदी था, जो धीरे-धीरे घटकर वर्तमान में 72 फीसदी पर आ गया है। इसका मतलब है कि इंडेक्स निफ्टी शेयरों में गिरावट के संकेत दे रहा है।

डॉलर के मुकाबले रुपए में अभी और मजबूती मुमकिन

जहां तक ब्रॉडर मार्केट का सवाल है निफ्टी 500 इंडेक्स के 200 डीएमए से ऊपर चल रहे शेयरों का प्रतिशत दिसंबर 2022 में 68 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत तक पहुंच गया है। निष्कर्ष के तौर पर कह सकते हैं कि भारतीय बाजार की ब्रेड्थ धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। यानी गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में ज्यादा हो रही है। विनय राजानी का ये भी मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपए में अभी और मजबूती आ सकती है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।