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Nifty ऑल-टाइम हाई से 15% फिसला, लेकिन 18% चढ़ने पर होगी लॉस की भरपाई, जानिए क्यों

31 अगस्त तक निफ्टी चढ़कर 24,080 पर पहुंच गया था। यह मार्च के निचले स्तर से 7.8 फीसदी की रिकवरी थी। लेकिन, लॉस की पूरी भरपाई के लिए निफ्टी में और 9.3 फीसदी तेजी जरूरी थी। तभी यह 26,329 के लेवल पर पहुंच पाता

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 12, 2026 पर 11:04 AM
Nifty ऑल-टाइम हाई से 15% फिसला, लेकिन 18% चढ़ने पर होगी लॉस की भरपाई, जानिए क्यों
निफ्टी 11 सितंबर को 23,398 पर क्लोज हुआ।

इंडेक्स में 20 फीसदी गिरावट के बाद पूरी रिकवरी तभी आएगी जब सूचकांक 25 फीसदी चढ़ेगा। 30 फीसदी गिरावट की भरपाई तभी होगी, जब सूचकांक करीब 43 फीसदी चढ़ेगा। इसकी वजह यह है कि लॉस और रिकवरी का प्रोसेस एक जैसा नहीं होता है।

2 जनवरी को निफ्टी ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था

मार्च के निचले स्तर से निफ्टी में रिकवरी आई है। लेकिन, लॉस की पूरी भरपाई के लिए इसमें ज्यादा तेजी जरूरी है। निफ्टी 2 जनवरी को 26,329 के लेवल पर पहुंचा था। यह इसका ऑल-टाइम हाई है। फिर यह मार्च में गिरकर 22,331 के लेवल पर आ गया। यह जानकारी Abakkus Mutual Fund के एनालिसिस पर आधारित है। तब निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 15.2 फीसदी गिरा था।

31 अगस्त तक गिरकर यह 24,080 पर आ गया था

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