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Nifty view : तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो Nifty में 10% की और गिरावट मुमकिन,आपदा में भी यहां नजर आ रहे अवसर - Emkay

Nifty view : ब्रोकिंग फर्म Emkay का कहना है कि अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो Nifty गिरकर लगभग 21,000 तक पहुंच सकता है। उसका कहना है कि कॉर्पोरेट अर्निंग पर मांग में कमी और ऊंची लागतों का दोहरा असर देखने को मिल सकता है। इसके चलते कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है। ब्रोकरेज का ये भी कहना है कि इससे कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहेगा

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 7:09 PM
Nifty view : तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो Nifty में 10% की और गिरावट मुमकिन,आपदा में भी यहां नजर आ रहे अवसर - Emkay
Market view : ब्रोकरेज का कहना है कि टेक्नोलॉजी,फार्मास्यूटिकल्स,मेटल्स और पावर जैसे सेक्टर रिलेटिवली मज़बूत रह सकते हैं। जबकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, यूटिलिटीज़,एयरलाइंस और ऑटोमोबाइल को ज़्यादा दबाव का सामना करना पड़ सकता है

Nifty View : Emkay ने हाल ही में जारी एक नोट में कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें तीन से चार महीनों तक लगभग $100 प्रति बैरल के आसपास बनी रह सकती हैं,जिससे निफ्टी इंडेक्स में लगभग 10 प्रतिशत की और गिरावट का जोखिम हो सकता है। इसकी राय है कि अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं,तो निफ्टी गिरकर लगभग 21,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। उसका कहना है कि कॉर्पोरेट अर्निंग पर मांग में कमी और ऊंची लागतों का दोहरा असर देखने को मिल सकता है। इसके चलते कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है। ब्रोकरेज का ये भी कहना है कि इससे कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहेगा।

ग्लोबल ग्रोथ में मंदी और महंगाई बढ़ने का खतरा

Emkay ने आगे कहा कि इस स्थिति के पैदा होने की संभावना बढ़ती जा रही है और इसका असर भारत की ग्रोथ,मैक्रो स्थिरता और कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है। साथ ही LPG की कमी से रोज़मर्रा की खपत पर भी निगेटिव असर पड़ सकता। इसके अलावा इससे ग्लोबल ग्रोथ में मंदी और महंगाई बढ़ने का खतरा भी नजर आ रहा है।

तनाव कम होने के कोई साफ़ संकेत नहीं

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