टोयोटा (Toyota) को टक्कर देने के लिए होंडा (Honda) और निसान (Nissan) का विलय होने वाला था लेकिन अब यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। दोनों कंपनियों ने आज 13 फरवरी को ऐलान किया कि उने बोर्ड ने विलय की बातचीत के पक्ष में फैसला लिया है। हालांकि दोनों इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर अपनी साझेदारी को जारी रखेंगी। अगर दोनों कंपनियों के बीच विलय हो जाता तो उससे करीब 6 हजार करोड़ के वैल्यू वाली कंपनी बनती जोकि टोयोटा, फॉक्सवैगन (Volkswagen) और हुंडई (Hyundai) के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी गाड़ी कंपनी होती।
