Nithin Kamath ने क्यों कहा-हम 2025 में जीरोधा शुरू नहीं कर पाते, यहां जानिए क्या है पूरा मामला

Nithin Kamath: जीरोधा ने 2010 में अपनी सेवाएं शुरू की थी। उससे पहले सिक्योरिटीज में निवेश करने के लिए काफी ब्रोकरेज फीस चुकानी पड़ती थी। ज्यादा फीस का असर इनवेस्टर्स के रिटर्न पर पड़ता है। इस वजह से कई लोग चाहकर भी शेयरों में निवेश नहीं कर पाते थे। लेकिन, जीरोधा जैसे जीरो-कॉस्ट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म की शुरुआत से पूरी तस्वीर बदल गई है

अपडेटेड Apr 18, 2025 पर 12:01 PM
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आज ब्रोकरेज इंडस्ट्री में भीड़ काफी बढ़ गई है। ऐसी कई ब्रोकरेज फर्में आ गई है जो नाममात्र की फीस पर सर्विसेज ऑफर कर रही हैं। इससे मार्केट में प्रतियोगिता काफी बढ़ी है।

जीरोधा के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत अपने दिल बात खुलकर कहते हैं। हाल में उन्होंने कहा कि 2025 में वह ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च नहीं कर पाते। दरअसल, जीरोधा के 'ट्रेडिंगक्यूएंडए' प्लेटफॉर्म पर एक यूजर के सवाल के जवाब में उन्होंने ऐसा कहा। 16 अप्रैल को उन्होंने अपने इस जवाब को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। कामत अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने मन की बात कहते रहे हैं। हाल में उन्होंने एक पोस्ट में अमीर बनने के तरीके के बारे में बताया था।

कामत ने यूजर के सवाल का दिया यह जवाब

Nithin Kamath से ट्रेडिंगक्यूएंडए पर 16 अप्रैल को यूजर ने पूछा था, "नितिन सर, आपके लिए मेरा एक खास सवाल है। इस प्रतिस्पर्धा के बीच आपके पास दशकों का अनुभव है। ऐसे में आप 2025 में किस तरह जीरोधा को अलग तरीके से शुरू कर सकते थे।" इसके जवाब में कामत ने कहा कि 2025 में हम जीरोधा शुरू नहीं करते, क्योंकि मार्केट में भीड़ काफी बढ़ गई है। दूसरे लोग जो काम कर रहे हैं, उस काम को करने में कोई फायदा नहीं है।


आप पहले दिन ही बिजनेस में दूसरों से आगे नहीं निकल सकते

उन्होंने कहा, "बीते 10 सालों में हमारा प्रोडक्ट काफी बेहतर हुआ है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा सोचना समझदारी है कि आप बिजनेस के पहले ही दिन उससे आगे निकल जाएंगे जो आज बेस्ट है। हो सकता है कि मैं कुछ दूसरी खासियतों के साथ ब्रोकरेज फर्म बनाता। हो सकता है कि हम बेहतर रिसर्च के लिए ज्यादा फीस चार्ज करते। यह सही है कि इसके कस्टमर कम होते लेकिन फिर भी अच्छी कमाई हो सकती थी।"

कई ब्रोकरेज फर्में बहुत कम फीस पर सर्विसेज दे रही हैं

कामत का मतलब ब्रोकरेज इंडस्ट्री की आज की तस्वीर से है। आज ब्रोकरेज इंडस्ट्री में भीड़ काफी बढ़ गई है। ऐसी कई ब्रोकरेज फर्में आ गई है जो नाममात्र की फीस पर सर्विसेज ऑफर कर रही हैं। इससे मार्केट में प्रतियोगिता काफी बढ़ी है। हालांकि, पिछले 4-5 सालों में इनवेस्टर्स और ट्रेडर्स की संख्या भी काफी बढ़ी है। पिछले साल अगस्त में डीमैट अकाउंट की संख्या 17.1 करोड़ को पार कर गई थी। इसका मतलब है कि इंडिया में जितने लोगों के पास डीमैट अकाउंट है, वह रूस, मैक्सिको और जापान की कुल आबादी से ज्यादा है।

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 आज जीरोधा, Groww, Upstox और Angel One के बीच मुकाबला

जीरोधा ने 2010 में अपनी सेवाएं शुरू की थी। उससे पहले सिक्योरिटीज में निवेश करने के लिए काफी ब्रोकरेज फीस चुकानी पड़ती थी। ज्यादा फीस का असर इनवेस्टर्स के रिटर्न पर पड़ता है। इस वजह से कई लोग चाहकर भी शेयरों में निवेश नहीं कर पाते थे। लेकिन, जीरोधा जैसे जीरो-कॉस्ट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म की शुरुआत से पूरी तस्वीर बदल गई है। जीरोधा, Groww, Upstox और Angel One जैसे ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्मों ने ब्रोकरेज इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव लाया है। ये ब्रोकरेज फर्में बहुत कम कॉस्ट में इनवेस्टर्स और ट्रेडर्स को ब्रोकिंग सर्विसेज ऑफर कर रही हैं।

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