रॉकेट बने इन 2 सरकारी कंपनियों के शेयर, 19% तक उछला भाव, निजीकरण पर आई खबर

एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL) और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के शेयरों में आज 11 जुलाई को भारी तेजी देखी गई। कारोबार के दौरान इन दोनों कंपनियों के शेयर 19 फीसदी तक उछल गए। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें बताया गया कि इन दोनों कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया फिर से पटरी पर आ गई है

अपडेटेड Jul 11, 2024 पर 1:23 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
NMDC स्टील के विनिवेश को राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है

एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL) और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के शेयरों में आज 11 जुलाई को भारी तेजी देखी गई। कारोबार के दौरान इन दोनों कंपनियों के शेयर 19 फीसदी तक उछल गए। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें बताया गया कि इन दोनों कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया फिर से पटरी पर आ गई है। इसके अलावा, शिपिंग मिनिस्ट्री ने विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करने की कोशिश के तहत SCI और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीच एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह नई कंपनी बड़े ऑयल टैंकरों को बनाएगी। मिंट ने 11 जुलाई को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

सुबह 11:15 बजे के करीब, NMDC स्टील लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 5.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 60.65 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। वहीं शिपिंग कॉरपोरेशन के शेयर 18.88 प्रतिशत की तेजी के साथ 327.1 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। कारोबार के दौरान शिपिंग कॉरपोरेशन के शेयरों ने 329 रुपये का अपना नया 52-वीक हाई भी चुना।

मनीकंट्रोल ने 10 जुलाई को एक रिपोर्ट में बताया था कि सरकारी स्वामित्व वाली कुछ कंपनियों (PSUs) में रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और वे इस मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL) भी शामिल हैं।


हालांकि NSL के विनिवेश को राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। एंप्लॉयीज यूनियन इस कदम का विरोध कर रहे हैं। कंपनी में 5,887 लोग काम करते हैं और इसकी एसेट्स 36,929 करोड़ रुपये है। NSL को फरवरी 2023 में बीएसई में सूचीबद्ध किया गया था। अधिकारी ने कहा, "अब शीर्ष स्तर से यह फैसला लिया जाना है कि प्लांट को चालू किया जाएगा या निजीकरण किया जाएगा।"

अधिकारी ने कहा कि शिपिंग कॉरपोरेशन में हिस्सेदारी की बिक्री भी इसी साल पूरी हो जानी चाहिए और इसके लिए वित्तीय बोलियां मंगाई जानी चाहिए। हालांकि यह भी एक राजनीतिक फैसला होगा। अधिकारी ने बताया, "मजबूत विपक्ष और गठबंधन सरकार होने के कारण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में निजीकरण की राह आसान नहीं होगी।"

यह भी पढ़ें- Yes Bank Shares: यस बैंक के शेयरों में 7% की तूफानी तेजी, मूडीज ने कहा- "बैंक की बदल रही है किस्मत"

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।