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FPI को टैक्सेशन में नहीं मिलेगी कोई रियायत, SEBI चीफ का बड़ा बयान

SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को टैक्सेशन में कोई राहत नहीं मिलेगी और उन्हें मौजूदा टैक्स सिस्टम के साथ ही आगे बढ़ना होगा। उन्होंने झूठी जानकारी देने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया। SEBI जल्द ही एक नया रेगुलेशन लाने वाला है, जिससे डेरिवेटिव्स मार्केट में छोटे निवेशकों को भी बराबरी का मौका मिल सकेगा। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 22, 2025 पर 10:29 PM
FPI को टैक्सेशन में नहीं मिलेगी कोई रियायत, SEBI चीफ का बड़ा बयान
SEBI चीफ ने बाजार में पारदर्शिता को लेकर भी कड़ा संदेश दिया।

No Tax Relief for FPIs: सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार (22 मार्च) को स्पष्ट कहा कि मौजूदा टैक्स व्यवस्था को बदलने की कोई जरूरत नहीं है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को इसी सिस्टम के साथ आगे बढ़ना होगा। SEBI चीफ ने बाजार में पारदर्शिता को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने नया रेगुलेशन लाने का भी संकेत दिया, जिससे डेरिवेटिव्स मार्केट में छोटे निवेशकों को बराबरी का मौका मिल सकता है।

विदेशी निवेशकों को हो रहा फायदा

Business Today Mindrush 2025 इवेंट में बोलते हुए सेबी चीफ ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसमें निवेशकों के लिए कई फायदे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय बाजार पिछले 5 वर्षों में MSCI इंडेक्स पर सालाना 11% का शानदार रिटर्न दे रहा है। इसके अलावा, भारत में स्थिर नीतियां, नियंत्रित महंगाई और राजकोषीय संतुलन जैसी सकारात्मक चीजें बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, "अगर टैक्सेशन को लेकर पहले से स्थिरता आ चुकी है, तो उसे बेवजह छेड़ने की जरूरत नहीं है।" पांडे ने यह कहा कि सरकार ने निवेशकों की चिंताओं को समझते हुए बजट 2025 में कई बदलाव किए हैं।

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