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NSE IPO: इश्यू साइज के 0.65% के बराबर एडवाइजरी फीस! कुल $1.62 करोड़ का हो सकता है पेमेंट

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने पिछले हफ्ते IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। बंपर इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 4:07 PM
NSE IPO: इश्यू साइज के 0.65% के बराबर एडवाइजरी फीस! कुल $1.62 करोड़ का हो सकता है पेमेंट
NSE IPO का साइज 2.5 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने मेगा IPO के लिए एडवाइजरी फीस, इश्यू साइज के लगभग 0.65% पर तय की है। IPO का साइज 2.5 अरब डॉलर (लगभग 23,085 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि इश्यू साइज के आधार पर कुल फीस पूल लगभग 1.62 करोड़ डॉलर हो सकता है। इसका ज्यादातर हिस्सा 6 लीड बैंकों के बीच बांटा जाएगा।

LSEG के डेटा के अनुसार, पिछले साल 417 कंपनियों ने IPO के लिए इश्यू साइज के लगभग 1.86% के बराबर औसत एडवाइजरी फीस दी। 2024 में 350 इश्यूअर्स ने 1.67% फीस दी। NSE ने पिछले हफ्ते IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस बंपर इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है।

सरकारी कंपनियों के IPO में कम एडवाइजरी फीस

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, NSE IPO के लिए तुलनात्मक रूप से कम एडवाइजरी फीस भारत में सरकार से जुड़े या अर्ध-सरकारी इश्यू के मामले में एक व्यापक चलन को दर्शाती है। इनमें इश्यूअर्स लागत पर कड़ा नियंत्रण रखते हैं, लिहाजा कम फीस की पेशकश करते हैं। कुछ मामलों में बैंक, बड़े इश्यूज से मिलने वाली प्रतिष्ठा और 'लीग टेबल' में बेहतर स्थिति के बदले नाममात्र की फीस स्वीकार कर लेते हैं।

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