NSE IPO : तिरुमाला यात्रा के बाद NSE के CEO आशीष चौहान ने कहा, सेबी से IPO को मिली मंज़ूरी किसी दैवीय संकेत जैसी

NSE IPO : NSE के CEO आशीष चौहान ने आईपीओ की मंजूरी के टाइमिंग को "शानदार" बताते हुए कहा कि तीर्थयात्रा पहले से प्लान की गई थी, लेकिन इस महीने IPO अप्रूवल के बारे में रेगुलेटर से मिले संकेत का समय तिरुपति में उनके पहुंचने के समय से मेल खा गया

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 4:57 PM
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NSE IPO : तिरुपति दौरे पर आंध्र प्रदेश के IT मंत्री नारा लोकेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चौहान का स्वागत किया और कहा कि IPO "ऐतिहासिक" हो सकता है

NSE IPO : NSE के CEO ने कहा है कि उनकी तिरुपति तीर्थयात्रा काफी समय पहले से तय थी। इस दौरान NSE IPO को सेबी से मिली मंजूरी सचमुच ईश्वर के एक दिव्य संकेत जैसी लग रही है। सालों की देरी और रेगुलेटरी रुकावटों के चलते इस आईपीओ का लंबे समय से इंतज़ार किया जा रहा था। यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग अब अपने आखिरी पड़ाव में पहुंचती दिख रही है।

NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आशीष कुमार चौहान के 11 जनवरी को X पर एक पर्सनल पोस्ट शेयर करने के बाद यह नया भरोसा जागा है। उन्होंने अपनी फैमिली के तिरुपति दौरे को IPO से जुड़े पॉजिटिव डेवलपमेंट्स से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक्सचेंज, उसके कर्मचारियों, सदस्यों, लिस्टेड कंपनियों और इन्वेस्टर्स के लिए आशीर्वाद मांगा।

चौहान ने इसकी टाइमिंग को "शानदार" बताते हुए कहा कि तीर्थयात्रा पहले से प्लान की गई थी, लेकिन इस महीने IPO अप्रूवल के बारे में रेगुलेटर से मिले संकेत का समय तिरुपति में उनके पहुंचने के समय से मेल खा गया।


चौहान ने लिखा,"तीर्थयात्रा कुछ समय पहले प्लान की गई थी। माननीय SEBI चेयरमैन का इस महीने NSE IPO को अप्रूवल देने का संकेत, ठीक उसी समय आया जब हम कल शाम तिरुपति पहुंचे,सच में यह सर्वशक्तिमान ईश्वर का एक दैवीय संकेत जैसा लगा।"

सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने भी की आईपीओ की मंजूरी की पुष्टि

इसके तुरंत बाद, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने इस बात की पुष्टि की कि रेगुलेटर, NSE की लिस्टिंग के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने के "बहुत एडवांस स्टेज" में है। हालांकि उन्होंने कोई पक्की तारीख नहीं बताई, लेकिन पांडे ने कहा कि यह प्रक्रिया महीने के आखिर तक पूरी हो सकती है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि एनएसई के आईपीओ का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो सकता है।

NSE की IPO यात्रा रही काफी मुश्किल

NSE की IPO यात्रा बिल्कुल भी आसान नहीं रही है। एक्सचेंज ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था, लेकिन गवर्नेंस की चिंताओं और को-लोकेशन मामले के बाद प्लान रुक गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ ब्रोकर्स को ट्रेडिंग सिस्टम तक खास एक्सेस मिला था। इन मुद्दों के कारण बार-बार देरी हुई और सालों तक आईपीओ के रेगुलेटरी मंज़ूरी पाने के लिए कई कोशिशें करनी पड़ीं।

2024 में NSE के फिर से अप्रूवल के लिए अप्लाई करने और 643 करोड़ रुपये की पेनल्टी देकर ट्रेडिंग एक्सेस पॉइंट और नेटवर्क कनेक्टिविटी केस को सेटल करने के बाद आईपीओ का मामला फिर से बढ़ा। तब से, एक्सचेंज ने गवर्नेंस में सुधार के कई के कदम उठाए हैं,जिनमें सीनियर लीडरशिप में बदलाव,बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग और सख्त कंप्लायंस सिस्टम शामिल हैं।

तिरुपति दौरे पर आंध्र प्रदेश के IT मंत्री नारा लोकेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चौहान का स्वागत किया और कहा कि IPO "ऐतिहासिक" हो सकता है। ज़्यादातर पुरानी चिंताओं को अब दूर कर दिया गया है, इसलिए NSE का पब्लिक के बीच आने का लंबा इंतज़ार आखिरकार खत्म होने वाला है।

 

 

 

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