Ola Electric Share Price: 6 दिन में 20% उछला ओला, 3 महीने में कर दिए पैसे डबल; जानिए तूफानी तेजी के 5 बड़े कारण
Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक का शेयर पिछले 6 कारोबारी सत्रों में करीब 20% चढ़ चुका है, जबकि 3 महीने में निवेशकों का पैसा दोगुना हो गया। जानिए किन 5 कारण के चलते ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में तूफानी तेजी आई है।
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने पिछले तीन महीने से भी कम समय में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है।
Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लंबी गिरावट के बाद अब तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 29 मई को ओला का शेयर 5.94% की बढ़त के साथ 41.57 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह है कि केवल दो कारोबारी सत्रों में ही शेयर करीब 14% तक चढ़ गया।
पिछले छह कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 20% तक उछल चुका है। आइए जानते हैं कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में किन 5 कारणों से तेजी दिख रही है। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि इसने 3 महीने में कैसे निवेशकों के पैसे डबल कर दिए।
तीन महीने में 100% से ज्यादा रिटर्न
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने पिछले तीन महीने से भी कम समय में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है। 2 मार्च 2026 को कंपनी का शेयर 21.21 रुपये के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर था। इसके बाद शेयर में लगातार रिकवरी देखने को मिली और 29 मई 2026 को कारोबार के दौरान यह 42.84 रुपये तक पहुंच गया।
इस तरह निचले स्तर से शेयर में करीब 102% की तेजी दर्ज की गई। अगर किसी निवेशक ने मार्च की शुरुआत में इस शेयर में 50 हजार रुपये लगाए होते, तो वो बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाते।
1. मार्च तिमाही में घाटा घटा
पिछले हफ्ते कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। नतीजों के बाद से शेयर में तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी की चौथी तिमाही की कमाई एक साल पहले के 611 करोड़ रुपये से घटकर 265 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि अच्छी बात यह रही कि कंपनी का शुद्ध घाटा काफी कम हुआ। यह 870 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह EBITDA घाटा भी 690 करोड़ रुपये से घटकर 281 करोड़ रुपये रह गया। पहली बार कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा।
2. सर्विस से जुड़ी समस्याओं में सुधार
ओला के मैनेजमेंट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के दौरान सर्विस समस्याओं का असर काफी बिक्री पर पड़ रहा था। उनमें अब काफी सुधार आ चुका है। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच औसत सर्विस टर्नअराउंड टाइम में 88% की कमी आई है। साथ ही लंबित सर्विस मामलों की संख्या भी काफी घट गई है। इससे ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है और मांग को भी सहारा मिला है।
3. जून तिमाही को लेकर अनुमान
ओला इलेक्ट्रिक ने जून तिमाही के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। कंपनी का अनुमान है कि इस तिमाही में उसकी बिक्री 40,000 से 45,000 यूनिट के बीच रह सकती है। कंपनी ने अप्रैल में 12,206 यूनिट और 28 मई तक 12,790 यूनिट के रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। इस तरह चालू तिमाही में अब तक कुल रजिस्ट्रेशन करीब 25,000 यूनिट तक पहुंच चुके हैं।
4. बैटरी गीगाफैक्टरी के विस्तार पर फोकस
5. कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भेजे पत्र में बताया कि उसकी बैटरी गीगाफैक्टरी अब विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के दौरान अपनी व्यावसायिक बैटरी निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 6 GWh तक पहुंचाना है। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
5. कारोबार में बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल
ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि उसके कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी के AI सिस्टम हर दिन करीब 2 लाख कनेक्टेड कॉल्स संभाल रहे हैं। इनका इस्तेमाल बिक्री, सर्विस और अन्य परिचालन गतिविधियों में किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इससे कामकाज की दक्षता बढ़ी है और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल रही है।
आगे भी चुनौतियां रहेंगी
कंपनी प्रबंधन ने यह भी माना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुछ चुनौतियां बनी रह सकती हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और बाजार में आक्रामक प्राइसिंग रणनीति के कारण ग्रॉस मार्जिन पर दबाव आ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त मार्जिन मौजूद है, जिससे वह विकास योजनाओं को जारी रखते हुए लाभप्रदता पर भी ध्यान बनाए रख सकती है।
आईपीओ प्राइस से अभी भी नीचे है शेयर
ओला इलेक्ट्रिक का शेयर हालिया तेजी के बावजूद 76 रुपये के आईपीओ प्राइस से काफी नीचे है।
इतना ही नहीं, लिस्टिंग के बाद शेयर ने 157 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ था। मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड स्तर से भी काफी कम है। पिछले एक साल में ओला इलेक्ट्रिक का शेयर करीब 21.92% तक गिरा हुआ है।
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