कच्चे तेल की उच्च कीमतों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं कर रही हैं। इसके चलते उन्हें घाटा हो रहा है। इस घाटे को कम करने के लिए वे रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं। इस कदम से MRPL (मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड), CPCL (चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और HMEL (HPCL-मित्तल एनर्जी लिमिटेड) जैसी एकल रिफाइनरी कंपनियों पर बुरा असर पड़ सकता है। सोमवार को MRPL और CPCL के शेयरों में गिरावट आ सकती है।
