Paramount Speciality Forgings IPO Listing: पैरामाउंट स्पेशल्टी फॉर्जिंग्स के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 73 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 59 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 83 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 40.68 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Paramount Speciality Forgings Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 87.15 रुपये (Paramount Speciality Forgings Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 47.71 फीसदी मुनाफे में हैं।
Paramount Speciality Forgings IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
पैरामाउंट स्पेशल्टी फॉर्जिंग्स का ₹32.34 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-20 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 73.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 20.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 220.24 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 41.35 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 28.33 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 6.80 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी प्लांट के लिए विस्तार के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी के साथ-साथ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Paramount Speciality Forgings के बारे में
वर्ष 1994 में बनी पैरामाउंट स्पेशल्टी फॉर्जिंग्स स्टील फॉर्जिंग्स बनाती है जिसका इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल्स, केमिकल्स, फर्टिलाइजर्स, ऑयल एंड गैस, न्यूक्लियर पावर और हैवी इंजीनियरिंग सेक्टर्स में होता है। इसके दो मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इसके फॉर्ज्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में ट्यूब शीट ब्लैंक्स, फॉर्ज्ड रिंग्स, स्पेसर्स, टायर रिग्स, बोनट, सीच और लॉन्ग वेल्ड नेक फ्लेंजेस इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 3.13 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 2.76 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 7.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 10 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 113.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।