Paytm को एक और बड़ा झटका, SoftBank ने बेची पूरी हिस्सेदारी

SoftBank exits Paytm: सॉफ्टबैंक नवंबर 2022 से लेकर पिछले महीने तक लगातार पेटीएम के शेयर बेच रहा है। पेटीएम में जापानी निवेशक की हिस्सेदारी मार्च 2024 तक घटकर 1.4 फीसदी हो गई, जबकि 2021 में पेमेंट कंपनी के IPO के समय यह हिस्सेदारी लगभग 18.5 फीसदी थी

अपडेटेड Jul 13, 2024 पर 8:58 PM
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जापान की इनवेस्टमेंट बैंक सॉफ्टबैंक (Softbank) ने पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है।

संकट से जूझ रही फिनटेक कंपनी पेटीएम को एक और बड़ा झटका लगा है। जापान की इनवेस्टमेंट बैंक सॉफ्टबैंक (Softbank) ने पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। सॉफ्टबैंक को इसमें करीब 15 करोड़ डॉलर का घाटा उठाना पड़ा है। जून के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार SVF इंडिया होल्डिंग्स (Cayman) लिमिटेड (Softbank) ने फिनटेक कंपनी में अपनी शेष 1.4 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी। पेटीएम के शेयरों में बीते शुक्रवार को 2.47 फीसदी की गिरावट आई है और यह स्टॉक BSE पर 467.25 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 29,716 करोड़ रुपये है।

2021 में SoftBank के पास थे लगभग 18.5% शेयर

सॉफ्टबैंक नवंबर 2022 से लेकर पिछले महीने तक लगातार पेटीएम के शेयर बेच रहा है। पेटीएम में जापानी निवेशक की हिस्सेदारी मार्च 2024 तक घटकर 1.4 फीसदी हो गई, जबकि 2021 में पेमेंट कंपनी के IPO के समय यह हिस्सेदारी लगभग 18.5 फीसदी थी। बता दें कि इस साल की शुरुआत में सॉफ्टबैंक ने भारत में अपनी एक अन्य कंपनी पीबी फिनटेक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी थी। पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी में निवेश पर सॉफ्टबैंक ने कुल करीब 65 करोड़ डॉलर कमाए थे।


सॉफ्टबैंक ने 2017 में पेटीएम ब्रांड की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस में किस्तों में लगभग 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया था। एक सूत्र ने कहा, “सॉफ्टबैंक ने 10-12 प्रतिशत के नुकसान के साथ पेटीएम से अपना कारोबार समेट लिया है। कुल नुकसान करीब 15 करोड़ डॉलर है।”

Treeline, UBS ने हिस्सेदारी बढ़ाई

दूसरी ओर सिंगापुर और हांगकांग स्थित प्रमुख हेज फंड ट्रीलाइन और यूबीएस प्रिंसिपल कैपिटल एशिया ने पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 1.18 फीसदी और 1.08 फीसदी कर ली। कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हिस्सेदारी 39.77 से 2 फीसदी घटकर 37.77 प्रतिशत हो गई।

घरेलू म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 0.65 फीसदी बढ़कर 6.80 फीसदी हो गई, जिसमें मिराए म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने सबसे अधिक निवेश किया। रिटेल शेयरहोल्डिंग क्रमिक रूप से 1.30 फीसदी बढ़कर 16.56 फीसदी हो गई। नतीजतन डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी 0.29 फीसदी बढ़कर 6.86 फीसदी से 7.15 फीसदी हो गई।

 

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