Paytm Shares: 3% उछाल के बाद 13% टूट गया पेटीएम, इस कारण आई बिकवाली की आंधी, अब ये है टारगेट प्राइस

Paytm Shares: दिग्गज फिनटेक प्लेटफॉर्म पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) के शेयरों में आज फिर बिकवाली का तगड़ा दबाव दिखा। इस दबाव में यह आज के इंट्रा-डे हाई से यह करीब 13% टूट गया। जानिए इसके शेयरों को लेकर निवेशक किस बात से परेशान हैं और ब्रोकरेजेज ने इसका क्या टारगेट प्राइस फिक्स किया है?

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 4:08 PM
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ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने Paytm की कवरेज शुरू की है और इसे खरीदारी की रेटिंग दी है।

Paytm Shares: बाजार की शुरुआती रौनक में आज पेटीएम के शेयर 3% से अधिक उछल पड़े। हालांकि फिर इंट्रा-डे हाई से यह करीब 14% टूट गया। वहीं दूसरी ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने इसकी कवरेज शुरू की है और इसे खरीदारी की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के बुलिश रुझान में यह ऊपर तो चढ़ा लेकिन इसकी कारोबार से जुड़ी एक बड़ी अनिश्चितता के चलते मुनाफावसूली ने अधिक दबाव बना दिया। आज बीएसई पर यह 9.53% की गिरावट के साथ ₹1140.75 पर बंद हुआ है। शुरुआती कारोबार में यह 3.41% उछलकर ₹1303.95 तक पहुंच गया था लेकिन फिर मुनाफावसूली की आंधी में 13.37% टूटकर ₹1129.60 तक आ गया जोकि पिछले कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस ₹1260.90 से 10% डाउनसाइड है। ओवरऑल बात करें तो इसे कवर करने वाले 21 एनालिस्ट्स में से 14 ने खरीदारी, 6 ने होल्ड और 1 ने सेल रेटिंग दी है।

इस कारण Paytm पर है दबाव

पेटीएम के शेयरों को लेकर एक अहम चिंता पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) को लेकर जताई जा रही है। इसका उद्देश्य पेमेंट इंफ्रा के डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करना था। इसे लेकर अहम चिंता ये है कि इसे दिसंबर 2025 तक बढ़ाया गया था लेकिन इस बारे में अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ है कि इसे दिसंबर 2025 के बाद बढ़ाया गया या नहीं। एक एनालिस्ट के नोट के मुताबिक यह पेटीएम के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के 20% के बराबर है। इसका असर डिजिटेल पेमेंट्स और इंफ्रा सर्विसेज देने वाले प्लेयर्स पर पड़ सकता है लेकिन अभी सिर्फ अटकलें ही लगाई जा रही हैं और इसे लेकर आरबीआई की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।


Investec ने क्यों शुरू की कवरेज?

ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने पेटीएम की ₹1550 के टारगेट प्राइस और खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज सुरू की है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पेटीएम की मजबूत तकनीकी क्षमताएं और दुकानदारों के साथ गहरे संबंध इसे लंबे समय तक के लिए प्राइसिंग पावर मुहैया कराते हैं और हाई स्विचिंग कॉस्ट तैयार करते हैं। अधिकतर मर्चेंट एक्विजिशन पहले ही चुके हैं और डिजिटल-फर्स्ट मॉडल के चलते कंपनी को पर्याप्त ऑपरेटिंग लेवरेज मिला हुआ है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाई मार्जिन क्रेडिट से जुड़े बिजनेसेज के साथ-साथ एफिसिएंसी बढ़ाने से इसके मार्जिन विस्तार को सपोर्ट मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-2028 के बीच इसका नेट रेवेन्यू सालाना 26% की रफ्तार से बढ़ सकता है और ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 8% से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 तक 24% पर पहुंचने की संभावना है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

पेटीएम के शेयर 18 नवंबर 2021 को घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए थे। ₹18300 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹2150 के भाव पर जारी हुआ था लेकिन आज तक यह इस भाव पर कभी पहुंच नहीं पाया। अभी तक यह ₹1875 के लेवल तक ही पहुंच पाया है जो इसने लिस्टिंग के कुछ दिनों बाद 25 नवंबर 2021 को इंट्रा-डे में छुआ था। इस हाई से करीब 30 महीने में यह 83.47% टूटकर 9 मई 2024 को ₹310 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक आ गया था।

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