Paytm share price: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों ने मंगलवार को हरे निशान में आने से पहले अपना एक नया निचला स्तर छुआ। यह बताता है कि निवेशकों ने नए जमाने की टेक कंपनियों में बिकवाली जारी रखा है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान BSE पर, पेटीएम के शेयर 4.6 फीसदी गिरकर 875.5 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए।
इस स्तर पर, पेटीएम के शेयरों अपने इश्यू प्राइस से करीब 59.3 फीसदी के डिस्काउंट पर हाथ बदले। हालांकि दिन का कारोबार बढ़ने के साथ पेटीएम के शेयरों में रिकवरी देखने को मिली और दोपहर करीब 1:30 बजे, खबर लिखे जाने के समय BSE पर पेटीएम के शेयर 0.65 फीसदी बढ़कर 923.40 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे।
पेटीएम के शेयरों में हाल के दिनों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ पिछले छह कारोबारी सत्रों में, इस शेयर की कीमत 18 फीसदी घटी है। सोमवार को पहली बार पेटीएम के शेयर की कीमत 900 रुपये के नीचे गई थी।
भारत में नए जमाने की टेक कंपनियों का यह अमेरिका शेयर बाजार के रुख की तरह ही है, जहां निवेशकों ने इन टेक कंपनियों में निवेश का आकर्षण खो दिया है। कई विशेषज्ञ अब पेटीएम जैसे नए जमाने की कंपनियों के शेयरों पर संदेह जता रहे हैं। यही वजह है कि Paytm, Zomato, CarTrade और PB Fintech जैसे शेयरों ने हाल ही में लिस्टिंग के बाद से अपने सबसे निचले स्तर को छुआ है।
शेयर बाजार के दिग्गज, शंकर शर्मा ने हमारे सहयोगी चैनल CNBC-TV18 से कहा कि अगर 2022 के अंत तक नए जमाने की इन कंपनियों के शेयरों में 80 से 90 फीसदी की गिरावट आ जाए, तो भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
शर्मा ने कहा, “इन कंपनियों में से अधिकतर की वैल्युएशन में बिल्कुल कोई मेरिट नहीं है। उनके बिजनेस मॉडल कमोडिटाइज यानी कमोडिटी बनाने से जुड़े हैं, उनमें से किसी भी कंपनी में कोई विशेषता नहीं है कि उन्हें इतना क्रेजी वैल्युएशन मिले। वह पहले ही 20-50 फीसदी गिर चुके हैं और अभी 50 फीसदी और गिर सकते हैं। ये अभी भी सस्ते नहीं हैं।”
पेटीएम ने हाल में बिजनेस से जुड़े सकारात्मक अपडेट जारी किए और उसके मैनेजमेंट की तरफ से भी उत्साह बढ़ाने वाली टिप्पणियां आईं। हालांकि इसके बावजूद इस डिजिटल पेमेंट कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
पेटीएम के शेयर फिलहाल इस महीने की शुरुआत में मैक्वेरी के दिए गए 900 रुपये के टारगेट प्राइस से नीचे हैं। बीते 10 जनवरी को, मैक्वेरी ने पेटीएम पर 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखते हुए स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस घटाकर 900 रुपये कर दिया था। साथ ही उसने वित्त वर्ष 22-25 के दौरान कंपनी के लिए अपने नुकसान के अनुमानों को 16-27 प्रतिशत बढ़ा दिया था।
पेटीएम के शेयर बीते नवंबर में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे। इसकी लिस्टिंग करीब 9 फीसदी के डिस्काउंट पर हुई थी और पहले ही दिन स्टॉक के शेयर 27 फीसदी तक गिर गए थे। पेटीएम का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है और इसके करीब 1.9 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। हालांकि 2021 में नए जमाने की दूसरी टेक कंपनियों के आईपीओ को जो प्रतिक्रिया मिली थी, पेटीएम उसे हासिल करने में नाकाम रहा था।
पेटीएम की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे आना अभी बाकी है। सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही में, पेटीएम का घाटा सालाना आधार पर 8.5 फीसदी बढ़कर 473 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस दौरान पेटीएम के रेवेन्यू में 63.6 फीसदी की उछाल आई थी और यह 1,086.4 करोड़ रुपये था।