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PB Fintech Share Price: CEO की सफाई और ब्रोकरेज के थम्स अप के बावजूद इंट्रडे में 6% टूटा शेयर

PB Fintech Share Price: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने कहा है कि कमीशन में कटौती को लेकर सरकार के नियमों का PB फिनटेक पर बहुत कम असर पड़ेगा। इसके बावजूद आज इस शेयर में गिरावट आई है। शेयर निचले स्तरों से रिकवरी के बावजूद 4 फीसदी नीचे है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Sep 17, 2026 पर 2:23 PM
PB Fintech Share Price: CEO की सफाई और ब्रोकरेज के थम्स अप के बावजूद इंट्रडे में 6% टूटा शेयर
PB Fintech Share Price:फिलहाल PB Fintech का शेयर 66.95 रुपये या 3.66 प्रतिशत गिरकर 1,763.00 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसने दिन के कारोबार में 1,844.20 रुपये का उच्चतम स्तर और 1,719.30 रुपये का निचला स्तर छुआ

PB Fintech Share Price: आज PB Fintech के शेयर लगभग 6% गिरकर ₹1,718.10 के इंट्राडे लो पर आ गए। यह गिरावट इस अटकल के चलते आई कि कंपनी के ग्रुप CEO,यशिश दहिया,इस्तीफा देने वाले है। CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक बाद में यशिश दहिया ने साफ किया कि यह खबर गलत है और वह इस पद पर बने रहेंगे। उन्होंने CNBC-TV18 से कहा,"कंपनी में उसी भूमिका में बने रहेंगे।"

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने कहा है कि कमीशन में कटौती को लेकर सरकार के नियमों का PB फिनटेक पर बहुत कम असर पड़ेगा। इसके बावजूद आज इस शेयर में गिरावट आई है। शेयर निचले स्तरों से रिकवरी के बावजूद 4 फीसदी नीचे है। बर्नस्टीन का कहना है कि कंपनी पर रेगुलेटरी अनिश्चितता का दबाव कम हो रहा है। CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) जल्द ही इंश्योरेंस कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक,इस कंसल्टेशन पेपर में आगे की दिशा तय करने वाले सुझाव हो सकते हैं।

इस डॉक्यूमेंट में इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के कमीशन और खर्च की लिमिट पर चर्चा की जाएगी। बैंकों के कमीशन में बड़ी कटौती हो सकती है,जबकि रिटेल इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में कम कटौती देखने को मिल सकती है। बर्नस्टीन ने कहा कि रेगुलेटरी मसले आपसी सहमति से सुलझा लिए जाएंगे और PB फिनटेक पर इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज ने आगे कहा "कमीशन में होने वाली कटौती इंडस्ट्री के साथ मिलकर तय की जाएगी। बैंकों द्वारा बेचे जाने वाले 'हार्ड-बंडल्ड' प्रोडक्ट्स पर ज़्यादा फोकस किया जाएगा,जबकि रिटेल लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर कटौती कम होगी। हमें उम्मीद है कि रेगुलेटरी नियमों से जुड़ी चिंताएं आपसी सहमति से सुलझ जाएंगी और PB फिनटेक पर इसका असर सीमित होगा।"

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