Stocks to BUY: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए (CLSA) ने भारत की आईटी कंपनियों को लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) और कोफोर्ज (Coforge) को अपने टॉप पिक्स के रूप में चुना है। ब्रोकरेज ने इन दोनों शेयरों पर ‘हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है और इनमें करीब 78% तक उछाल की संभावना जताई है।
CLSA ने इसके अलावा इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और एलटीआईमाइंडट्री के शेयर पर भी ‘आउटपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। वहीं, HCL टेक्नोलॉजीज और विप्रो के लिए ब्रोकरेज का रुख थोड़ा सतर्क है और इन्हें ‘होल्ड’ रेटिंग दी गई है।
CLSA का मानना है कि मौजूदा समय में आईटी सर्विस सेक्टर रिस्क-रिवॉर्ड के लिहाज से आकर्षक दिख रहा है। ब्रोकरेज ने हाल ही में टीसीएस, इंफोसिस, HCL टेक और विप्रो के साथ हुई चर्चाओं के आधार पर कहा कि नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, जैसे एंथ्रोपिक और ओपनएआई (OpenAI) के कारण कॉन्ट्रैक्ट प्राइसिंग पर कोई अतिरिक्त दबाव देखने को नहीं मिला है।
डिमांड के मोर्चे पर BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ बनी हुई है। वहीं, HCL टेक्नोलॉजीज और TCS के लिए टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग भी स्थिर बनी हुई है। हालांकि, रिटेल, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर में मांग अभी भी थोड़ी कमजोर बनी हुई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ कंपनियों ने क्लाइंट्स के फैसले लेने में थोड़ी देरी की बात कही है। इसकी वजह नए AI टूल्स का मूल्यांकन और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को बताया गया है। हालांकि, इन कंपनियों की आय में मिडिल ईस्ट का सीधा योगदान कम है, लेकिन व्यापक आर्थिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह संकट कितने समय तक चलता है।
CLSA के अनुसार, आईटी कंपनियों के पास मजबूत डील पाइपलाइन बनी हुई है और मौजूदा वैल्यूएशन भी 10 साल के औसत के आसपास है। ऐसे में सेक्टर में निवेश के लिहाज से अच्छा अवसर बनता दिख रहा है।
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