Persistent Systems q4 results: मिड-टियर आईटी सर्विसेज कंपनी Persistent Systems Ltd ने 21 अप्रैल को अपने तिमाही नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹529 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹439.4 करोड़ से 20.4% ज्यादा है। हालांकि, यह CNBC-TV18 के अनुमान ₹535 करोड़ से थोड़ा कम रहा।
Persistent Systems का रेवेन्यू 7.4% बढ़कर ₹4,056 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹3,778 करोड़ था। यह अनुमान ₹3,973 करोड़ से ज्यादा रहा। डॉलर में रेवेन्यू $436 मिलियन रहा, जो 3.1% बढ़त दिखाता है, लेकिन अनुमानित $438 मिलियन से थोड़ा कम है।
EBIT और मार्जिन में सुधार
EBIT 21.4% बढ़कर ₹659 करोड़ हो गया, जो पहले ₹543 करोड़ था। हालांकि यह ₹671 करोड़ के अनुमान से कम रहा। EBIT मार्जिन 14.4% से बढ़कर 16.3% हो गया, लेकिन यह भी 16.9% के अनुमान से नीचे रहा। कॉन्स्टेंट करंसी रेवेन्यू ग्रोथ 3.4% रही। अनुमान 3.8% का था।
31 मार्च 2026 को खत्म तिमाही में कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) $600.8 मिलियन रही। एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) $445.1 मिलियन रही।
Persistent Systems ते बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹18 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इससे पूरे साल का डिविडेंड ₹40 प्रति शेयर हो गया है, जो पिछले साल ₹35 था। यह डिविडेंड 36वीं AGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद लागू होगा।
Persistent Systems के CEO संदीप कालरा ने बताया कि FY26 में कंपनी ने 17.4% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की और EBIT मार्जिन 15.6% रहा। यह लगातार 24वीं तिमाही है जब कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी की AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी से बिजनेस मॉडल मजबूत हो रहा है, साथ ही डिलीवरी की क्वालिटी और स्केल बेहतर हो रहे हैं।
कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन डॉ आनंद देशपांडे ने कहा कि कंपनी ने हमेशा डिमांड से पहले अपनी क्षमताओं पर काम किया है। पिछले 36 सालों में इंजीनियरिंग और डेटा पर किया गया निवेश अब AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ और ज्यादा फायदा दे रहा है।
शेयर प्राइस में हल्की बढ़त
Persistent Systems के शेयर 0.88% की बढ़त के साथ ₹5,369 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 13.64% चढ़ा है। हालांकि, बीते 6 महीने में इसने करीब 7% का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।