शेयरों के निवेशक बीते डेढ़ साल से मायूस हैं। इसकी वजह शेयर बाजार का कमजोर रिटर्न है। सबसे ज्यादा परेशान ऐसे इनवेस्टर्स हैं, जिन्होंने कोविड के दौरान शेयरों में निवेश करना शुरू किया था। कोविड के बाद के कुछ सालों में बाजार ने शानदार रिटर्न दिया। इससे निवेशक खुश थे। अब कमजोर रिटर्न से वे निराश हैं। ऐसे निवेशकों को मशहूर इनवेस्टर और फंड मैनेजर पीटर लिंच के सिद्धांत बड़े काम आ सकते हैं। लिंच के दशकों पहले के ये सिद्धांत आज भी बड़े काम के हैं। आइए इन सिद्धातों के बारे में जानते हैं।
1. सिर्फ उस बिजनेस में निवेश करें जिसे आप समझते हैं
लिंच का मानना था कि इनवेस्टर्स को उस बिजनेस में निवेश करना चाहिए, जिसे वे समझते हैं। इनवेस्टर अपने आसपास को देखकर समझ सकता है कि किस तरह के प्रोडक्ट्स और सेवाओं की मांग ज्यादा है। इस आधार पर वे अच्छी कारोबारी संभावना वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं। दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे का भी इस सिद्धांत में विश्वास रहा है।
2. निवेश से पहले एनालिसिस और रिसर्च जरूरी है
3. नॉलेज बढ़ाने पर जोर दें और दूर की सोचें
बाजार के उतार-चढ़ाव से सबसे पहले ऐसे इनवेस्टर्स डरते हैं, जो बाजार को ठीक तरह से नहीं समझते। इसलिए निवेश से पहले बाजार के बारे में नॉलेज बहुत जरूरी है। जैसे-जैसे आपकी नॉलेज बढ़ेगी, वैसे-वैसे बाजार में आपका भरोसा बढ़ेगा। लिंच ने कहा था कि इनवेस्टर को निरंतर अपनी नॉलेज को बढ़ाते रहना चाहिए।
4. मार्केट में निवेश के सही वक्त का इंतजार नहीं करें
कई लोग निवेश के लिए सही वक्त का इंतजार करते रह जाते हैं। लिंच का मानना था कि शेयरों में सही वक्त पर निवेश करने से वेल्थ नहीं बनता है बल्कि अनुशासित तरीके से लंबी अवधि के लिए निवेश करने से वेल्थ बनता है। अगर आप बाजार को फटाफट कमाई का जरिया मानते हैं तो आपके साथ धोखा हो सकता है।
5. गलतियों से सीखते रहना बहुत जरूरी है
निवेश में गलती होना सामान्य बात है। लिंच का कहना था निवेश में हर गलती कुछ न कुछ सिखाती है। गलतियों से सीखकर ही बाजार से बड़ा पैसा बनाया जा सकता है। जो लोग गलतियों से घबराकार बाजार से दूरी बना लेते हैं, वे अपना नुकसान करते हैं। गलती करना इनसान का स्वभाव है। इनसान से सिर्फ निवेश में गलती नहीं होती है बल्कि जिंदगी में गलती होती रहती है। लेकिन, इनसान जीना बंद नहीं करता है। इसी तरह गलतियों से सीखकर शेयरों में निवेश जारी रखें।