इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देने वाली कंपनी PG इलेक्ट्रोप्लास्ट के शेयरों में 13 मार्च को लगभग 8 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 491 रुपये के लो तक गया। बाद में 5.62 प्रतिशत गिरावट के साथ 502.45 रुपये पर बंद हुआ। दरअसल कंपनी के मैनेजमेंट ने माना है कि US-ईरान युद्ध के कारण गैस सप्लाई में कमी आने से प्रोडक्शन पर असर पड़ा है। CNBC-TV18 के साथ बातचीत में, PG Electroplast में ऑपरेशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता ने बताया कि गैस की कमी के कारण कंपनी के AC बनाने वाले प्लांट्स में एक हफ्ते का प्रोडक्शन रुक गया है।
इतना ही नहीं गैस सप्लाई में इस कमी के कारण कंपनी के वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू के अनुमान पर असर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि यह असर कितना होगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए, PG Electroplast ने ₹5700 करोड़ से ₹5800 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान लगाया है।
PG इलेक्ट्रोप्लास्ट AC, वॉशिंग मशीन और ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए हाई-क्वालिटी प्लास्टिक कंपोनेंट बनाने के लिए एक खास प्रोसेस के तौर पर गैस-असिस्टेड इंजेक्शन मोल्डिंग का इस्तेमाल करती है। कंपनी गैस चार्जिंग के क्षेत्र में भी है, क्योंकि यह रूम AC भी बनाती है। इसमें कूलिंग देने के लिए R-32 या R-410A जैसी गैसों का इस्तेमाल किया जाता है।
पश्चिम एशिया में US-ईरान युद्ध के कारण दुनिया के सबसे बड़े LNG प्रोड्यूसर में से एक कतर में गैस प्रोडक्शन पर असर पड़ा है। इसके चलते उसे अपने क्लाइंट्स के लिए 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य घटना) घोषित करना पड़ा। इसका असर उन दूसरी कंपनियों पर भी पड़ा है, जो गैस को एक जरूरी कंपोनेंट के तौर पर इस्तेमाल करती हैं। गुप्ता ने बताया कि प्लांट्स में कॉपर ट्यूब्स की ब्रेसिंग और वेल्डिंग के लिए LPG का इस्तेमाल होता है, और कंपनी अब LPG के दूसरे विकल्पों की तलाश कर रही है। पॉलीमर की उपलब्धता और उसकी कीमतों में 40% से 50% की बढ़ोतरी चिंता का विषय है।
9 मार्च को 14% गिरा था PG Electroplast शेयर
सोमवार को PG Electroplast के शेयर 14% गिरे थे। ऐसा तब हुआ, जब कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि उसे अपने गैस सप्लायर्स से गैस सेल्स एंड परचेज एग्रीमेंट के तहत गैस की कमी को लेकर एक कम्युनिकेशन मिला है। कंपनी ने कहा था, "यह कम्युनिकेशन मिडिल ईस्ट रीजन में चल रहे युद्ध की वजह से समुद्री नेविगेशन पर लगी पाबंदियों से कुछ जहाजों को हो रही दिक्कतों की वजह से है। इससे गैस सप्लाई पर असर पड़ रहा है।" यह भी कहा कि इसके चलते गैस की उपलब्धता बहुत कम हो गई है। सप्लाई में रुकावट की वजह से 9 मार्च से कंपनी के लिए LPG का एलोकेशन कम हो गया है।
कंपनी ने यह भी कहा था कि वह अभी अपने कस्टमर्स के लिए सप्लाई में किसी भी तरह की कटौती लागू करने को लेकर स्थिति का आकलन कर रही है। चल रही कमी के संभावित असर का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, लेकिन वह बदलते हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। कंपनी का मार्केट कैप गिरकर 14300 करोड़ रुपये रह गया है। शेयर एक सप्ताह में 17 प्रतिशत नीचे आया है। एक साल में कीमत 40 प्रतिशत गिरी है।
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