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Divi’s Lab और Dr Reddy’s Labs में अब नहीं बनेगा मुनाफा? ये है एक्सपर्ट्स की राय

Pharma Stocks: फार्मा सेक्टर की कंपनियों ने इस साल तेज धमाल मचाया है। फार्मा शेयरों को ट्रैक करने वाला इंडेक्स निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) इस साल 20 फीसदी से अधिक उछला है। अब इस इंडेक्स के टॉप-5 शेयरों में शुमार डिविस लैब ( Divi’s Lab) और डॉ रेड्डीज लैब्स (Dr Reddy’s Labs) की बात करें तो डिविस लैब इस साल 10 फीसदी से अधिक और डॉ रेड्डीज करीब 28 फीसदी ऊपर चढ़ा है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 06, 2023 पर 2:56 PM
Divi’s Lab और Dr Reddy’s Labs में अब नहीं बनेगा मुनाफा? ये है एक्सपर्ट्स की राय
डिविस लैब का बाय कॉल 14 से गिरकर 6 और डॉ रेड्डीज लैब्स 36 से गिरकर 18 पर आ गया। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्रोकरेज को वैल्यूएशन काफी महंगा दिख रहा है।

Pharma Stocks: फार्मा सेक्टर की कंपनियों ने इस साल तेज धमाल मचाया है। फार्मा शेयरों को ट्रैक करने वाला इंडेक्स निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) इस साल 20 फीसदी से अधिक उछला है। अब इस इंडेक्स के टॉप-5 शेयरों में शुमार डिविस लैब (Divi’s Lab) और डॉ रेड्डीज लैब्स (Dr Reddy’s Labs) की बात करें तो डिविस लैब इस साल 10 फीसदी से अधिक और डॉ रेड्डीज करीब 28 फीसदी ऊपर चढ़ा है। अब इनके आगे के चाल की बात करें तो ब्रोकरेज का रुझान काफी निगेटिव है। डिविस लैब का बाय कॉल 14 से गिरकर 6 और डॉ रेड्डीज लैब्स 36 से गिरकर 18 पर आ गया। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्रोकरेज को वैल्यूएशन काफी महंगा दिख रहा है।

ब्रोकिंग फर्म एलारा कैपिटल के मुताबिक इसका वैल्यूएशन काफी महंगा है। यह वित्त वर्ष 2023 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 57.7 गुना और वित्त वर्ष 2025 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 49.5 गुने पर है जबकि कोविड के पहले यह 25-28 गुने की रेंज में था। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी ने नए प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ इमेजिंग कंट्रास्ट में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स (API) के इस्तेमाल और न्यूट्रास्युटिकल प्रोडक्ट्स जैसे जो नए काम शुरू किए हैं, यह इसकी ग्रोथ के लिए पर्याप्त नहीं है।

ऐसे में ब्रोकरेज ने डिविस लैब्स को फिर से सेल रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस 1980 रुपये से बढ़ाकर 2199 रुपये कर दिया है। वहीं एक और ब्रोकरेज सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इसकी रेटिंग को होल्ड से से कर दिया है और 2681 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है। फिलहाल बीएसई पर यह 3698.10 रुपये (5 अक्टूबर क्लोजिंग प्राइस) पर है। ब्रोकरेज ने रेटिंग में इसलिए बदलाव किया है क्योंकि मैक्रो एन्वाइरन्मन्ट में बदलाव हो रहा है जहां कस्टम सिंथेसिस कारोबार नीचे आ सकता है। कस्टम सिंथेसिस की इसकी बिक्री में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी है और बाकी 60 फीसदी जेनेरिक ड्रग्स की।

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