PNC Infratech Share: दो दिन में ₹3200 करोड़ घट गया मार्केट कैप, लेकिन ब्रोकरेज को अब भी है उम्मीद

PNC Infratech और इसकी दो सब्सिडियरीज- पीएनसी खजुराहो हाईवेज और पीएनसी बुंदेलखंड हाईवेज; को रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्ट्री ने मिनिस्ट्री के किसी भी टेंडर प्रोसेस में शामिल होने से डिसक्वालिफाई कर दिया है। कंपनी ने यह जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी है

अपडेटेड Oct 22, 2024 पर 3:23 PM
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सोमवार को 20 फीसदी की गिरावट के बाद आज मंगलवार को PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के शेयरों में 8 फीसदी तक की और गिरावट आई है।

PNC Infratech share: सोमवार को 20 फीसदी की गिरावट के बाद आज मंगलवार को PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के शेयरों में 8 फीसदी तक की और गिरावट आई है। इसका मतलब है कि दो दिनों में कंपनी के शेयर करीब 30 फीसदी तक टूट गए। इस समय यह स्टॉक BSE पर 6.67 फीसदी गिरकर 342.25 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। यह लगातार चौथा दिन है जब कंपनी के शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं।

सोमवार और मंगलवार को हुई गिरावट के कारण कंपनी के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹3200 करोड़ की गिरावट आई है। पिछले शुक्रवार को बंद होने तक पीएनसी इंफ्राटेक का मार्केट कैप ₹11700 करोड़ से अधिक था, लेकिन दो दिन की गिरावट के बाद अब इसका मार्केट कैप ₹8500 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गया है।

क्या है PNC Infratech में गिरावट की वजह


पीएनसी इंफ्राटेक और इसकी दो सब्सिडियरीज- पीएनसी खजुराहो हाईवेज और पीएनसी बुंदेलखंड हाईवेज; को रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्ट्री ने मिनिस्ट्री के किसी भी टेंडर प्रोसेस में शामिल होने से डिसक्वालिफाई कर दिया है। कंपनी ने यह जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। जानकारी के मुताबिक यह रोक 18 अक्टूबर 2024 से एक साल तक के लिए लगी रहेगी।

इन कंपनियों को जून और अगस्त में सीबीआई की तरफ से दायर एफआईआर और चार्टशीट से जुड़े मामले की व्यक्तिगत सुनवाई के मामले में सीबीआई के सामने 18 अक्टूबर को पेश होना था। हालांकि कंपनी का कहना है जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उस पर इस रोक का कोई असर नहीं पड़ेगा, वहीं बाकी एक्टिविटीज पर कितना असर पड़ेगा, इसका अभी कैलकुलेशन किया जाएगा।

PNC Infratech पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने वित्तीय वर्ष 2025, 2026 और 2027 के लिए पीएनसी इंफ्राटेक की अर्निंग पर शेयर के अनुमान में 9.6%, 19.6% और 22.4% की कटौती की है। ब्रोकरेज ने लिखा, "पीएनसी उपाय के तौर पर कानूनी सहारा ले सकती है, लेकिन जब तक स्पष्टता नहीं आती, तब तक इवेंट का खतरा बना रह सकता है।"

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी "Buy" की सिफारिश को बरकरार रखा है, लेकिन इसके टारगेट प्राइस को पहले के ₹600 से घटाकर ₹471 कर दिया है। ब्रोकरेज ने मजबूत मौजूदा ऑर्डर बुक, मजबूत बैलेंस शीट और एसेट मोनेटाइजेशन प्लान के विफल होने की कम संभावना का हवाला देते हुए खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा।

इसके अलावा, ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने पीएनसी इंफ्राटेक की रेटिंग को "अंडर रिव्यू" रखा है और कहा है कि मंत्रालय के आदेश के प्रतिकूल प्रभाव के कारण निकट भविष्य में शेयर पर दबाव बना रहेगा। पीएनसी इंफ्राटेक पर कवरेज करने वाले 19 एनालिस्ट्स में से 14 ने अभी भी शेयर पर "Buy" रेटिंग दी है, तीन ने "होल्ड" कहा है, जबकि दो ने शेयर को बेचने की सलाह दी है।

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