Polycab, KEI और Havells के शेयरों में भूचाल, 14% तक टूटा भाव, अदाणी ग्रुप के एक ऐलान से लुढ़के स्टॉक

Polycab Havells and KEI Shares: ऐप आधारित कैब सेवा देने वाली कंपनी उबर इंडिया को वित्त वर्ष 2024 में 89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि यह घाटा इसके पिछले वित्त वर्ष में हुए 311 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले करीब 71 फीसदी कम है। वहीं कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू 41 फीसदी बढ़कर 3,762 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले साल 2,666 करोड़ रुपये रहा था

अपडेटेड Mar 20, 2025 पर 10:36 AM
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Adani Group से पहले, बिड़ला ग्रुप ने भी पिछले महीने अल्ट्राटेक सीमेंट के जरिए वायर एंड केबल इंडस्ट्री में उतरने का ऐलान किया था

Polycab Havells and KEI Shares: अदाणी ग्रुप के ऐलान ने आज 20 मार्च को वायर और केबल कंपनियों के शेयरों में भूचाल ला दिया है। पॉलीकैब इंडिया, KEI इंडस्ट्रीज, हैवेल्स, RR केबल, फिनोलेक्स केबल्स जैसी कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में ही 14 फीसदी तक लुढ़क गए। यह गिरावट अदाणी ग्रुप के केबल और वायर इंडस्ट्री में उतरने के ऐलान के बाद आई है। KEI इंडस्ट्रीज के शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक 13.64% तक टूट गए। वहीं पॉलीकैब इंडिया के शेयरों में 8.84% की गिरावट आई। हैवेल्स इंडिया के शेयर भी 4.53% तक गिर गए। RR केबल और फिनोलेक्स केबल्स भी 4 फीसदी तक लुढ़क गए।

अदाणी ग्रुप ने 'प्रणीता इकोकेबल्स' नाम से JV बनाई

अदाणी ग्रुप ने बुधवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड ने 'प्रणीता इकोकेबल्स' नाम से एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी का गठन किया है। इस ज्वाइंट वेंचर में कच्छ कॉपर की 50% हिस्सेदारी होगी। कंपनी ने बताया कि प्रणीता इकोकेबल्स मेटल प्रोडक्ट्स, केबल्स और वायर के निर्माण, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री का काम करेगी।

इस घोषणा के बाद, अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। कंपनी के शेयरों ने कारोबार की शुरुआत 1 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ की, लेकिन बाद में यह लाल निशान में आ गया।


अल्ट्राटेक सीमेंट भी इस सेगमेंट में उतरने का कर चुकी है ऐलान

अदाणी ग्रुप से पहले, बिड़ला ग्रुप ने भी पिछले महीने अल्ट्राटेक सीमेंट के जरिए वायर एंड केबल इंडस्ट्री में उतरने की घोषणा की थी। अल्ट्राटेक के ऐलान के बाद वायर और केबल कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई थी। हालांकि, उस समय अधिकतर वायर और कंपनियों ने इसके प्रभाव को कम करके आंका था।

KEI इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, अनिल गुप्ता ने 27 फरवरी को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अल्ट्राटेक को अपना कारोबार शुरू करने में कम से कम तीन साल लगेंगे और इस क्षेत्र में नए कंपनियों के लिए पर्याप्त जगह है। KEI इंडस्ट्रीज का मानना है कि केबल कारोबार उनके कुल प्रोडक्ट मिक्स का 75% योगदान देगा।

वहीं, RR Kabel के CFO राजेश जैन ने भी CNBC-TV18 से कहा था कि UltraTech की एंट्री उतनी नकारात्मक नहीं है जितना बाजार डर रहा है।

बाजार में सतर्कता बढ़ी, निवेशकों की नजरें रणनीति पर

Elara Capital के वाइस प्रेसिडेंट हर्षित कपाड़िया ने 28 फरवरी को CNBC-TV18 से कहा था कि वह फिलहाल केबल और वायर सेगमेंट को लेकर सतर्क हैं। उनका मानना था कि UltraTech की रणनीति स्पष्ट होने के बाद इस सेक्टर में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

पिछले एक महीने में, अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 6.3% बढ़े हैं, जबकि Polycab के शेयरों में 14% की गिरावट आई है। KEI इंडस्ट्री के शेयर पिछले एक महीने में 24 फीसदी गिरे हैं। वहीं हैवेल्स इंडिया के शेयर पिछले एक महीने में 2 फीसदी ऊपर है।

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