Get App

Polycab पर सिटी का बुलिश रुझान, मार्च तिमाही की सुस्ती के बावजूद इन वजहों से दी खरीदारी की सलाह

Polycab India Share Price: पॉलीकैब के शेयरों पर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी का बुलिश रुझान कायम है। मार्च 2026 तिमाही के कारोबारी सुस्ती के बावजूद सिटी ने इसे खरीदने की सलाह दी है। जानिए इसकी वजह क्या है, पॉलीकैब को लेकर यह बुलिश क्यों है और इसके शेयरों में निवेश को लेकर टारगेट प्राइस क्या है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 3:53 PM
Polycab पर सिटी का बुलिश रुझान, मार्च तिमाही की सुस्ती के बावजूद इन वजहों से दी खरीदारी की सलाह

Polycab India Share Price: तार, केबल, पंखे, स्विच, एलईडी जैसे प्रोडक्ट्स बनाने वाली पॉलीकैब इंडिया को एक बार फिर से वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने खरीदारी की रेटिंग दी है। मार्च 2026 तिमाही में कारोबारी सुस्ती के बावजूद सिटी ने इसका टारगेट प्राइस ₹10500 पर बरकरार रखा है जोकि इसके शेयरों के लिए दूसरा हाइएस्ट टारगेट है। हालांकि शेयरों की बात करें तो आज इसकी चाल थोड़ी सुस्त दिखी। आज बीएसई पर यह 0.24% की बढ़त के साथ ₹9580.00 के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.12% उछलकर ₹9,664.00 तक पहुंच गया था।

Polycab पर City क्यों है बुलिश

सिटी के मुताबिक मार्च तिमाही की सुस्ती के बाद घरेलू मांग सुधरी है। मार्च तिमाही में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने पॉलीकैब के कारोबार पर असर डाला था। हालांकि अब मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि अप्रैल की शुरुआत से ही सेकंडरी सेल्स सुधरी है और चैनल इन्वेंट्री सामान्य स्तर पर आ गई है। अप्रैल और मई में कंपनी की सेल्स वॉल्यूम ग्रोथ मिड-टू-हाई-सिंगल-डिजिट में रही जबकि पिछले साल इसी अवधि में वॉल्यूम में 25% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी, यानी कि इस बार मजबूत बेस के बावजूद ग्रोथ अच्छी दिखी। कच्चे माल की बढ़ती लागत और करेंसी की कीमत में गिरावट के असर को कम करने के लिए पॉलीकैब ने मार्च 2026 तिमाही के दौरान करीब 8-10% कीमतें बढ़ाई थी। इंटरनेशनल बिजनेस के मोर्चे पर मैनेजमेंट को उम्मीद है कि निर्यात की रफ्तार वित्त वर्ष 2027 में घरेलू मार्केट में ग्रोथ से आगे निकल जाएगी। इसकी वजह अमेरिका से मांग में सुधार, ग्राहकों की बढ़ती एंक्वायरी और नए बाजारों में विस्तार है।

सिटी ने कंपनी के एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) बिजनेस को भी ग्रोथ का एक अहम मौका बताया। लगभग ₹800 करोड़ का अधिकतर कैपेक्स पहले ही पूरा हो चुका है, और मैनेजमेंट को इस सेगमेंट से लगभग ₹2,400 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की संभावना दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक केबल्स और वायर्स बिजनेस में मार्जिन कंपनी के गाइडेंस 12-14% के अपर एंड यानी 14% के आस-पास बने रहने की उम्मीद है। इस बीच कंपनी को भारतनेट और RDSS (रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) जैसे सरकारी प्रोजेक्ट्स से भी वित्त वर्ष 2027 में ₹1,800-2,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें