Raymond, Tata Communications और Hindware Home Innovations के शेयरों में पिछले साथ अच्छी तेजी आई थी। इनमें अब भी तेजी की संभावना दिख रही है। मशूहर वैल्यू इनवेस्टर पोरिन्जू वेलियाथ (Porinju Veliyath) ने यह बात कही है। उनके पोर्टफोलियो में इन तीन शेयरों की हिस्सेदारी 55 फीसदी है। केरल के वेलियाथ के पास ऐसे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को पहचान लेने का हुनर है, जिनके भविष्य में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना होती है।
पिछले साल 80 फीसदी तक तेजी
वेलियाथ ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के साथ ही स्टॉक एक्सचेंज के बारे में खुलकर चर्चा की। तीनों कंपनियों के शेयरों में पिछले साल 60 से 80 फीसदी तेजी आई है। सबसे ज्यादा तेजी रेमंड में आई है, जबकि सबसे कम हिंदवेयर में आई है।
रेमंड ने दिया कई गुना रिटर्न
वेलीयाथ के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) में रेमेंड की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि वे इस कंपनी के शेयरों को तब से खरीद रहे हैं, जब इनकी कीमतें 350 से 400 रुपये के बीच थी। अभी उनके PMS और अल्टरनेविट इनवेस्टमेंट फंड (AIF) दोनों में रेमंड 4 फीसदी शेयर हैं। अभी इस शेयर में प्रति शेयर 1,600 से ऊपर कारोबार हो रहा है। प्रमोटरों से जुड़ी निगेटिव खबरों के बावजूद वेलियाथ का मानना है कि Raymond के स्थापित ब्रांड है। इसके पास कीमती एसेट्स हैं और इसकी व्यापक मौजूदगी है।
हिंदवेयर होम में घटाई हिस्सेदारी
हिंदवेयर होम इनोवेशंस 67 साल पुरानी कंपनी है। वेलियाथ का मानना है कि यह कई वर्टिकल्स में अग्रणी ब्रांड है। हालांकि, उन्होंने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी है। उन्होंने बताया कि ये शेयर इंडिविजुअल पोर्टफोलियो अकाउंट में हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल है।
टाटा कम्युनिकेशंस का शानदार प्रदर्शन
टाटा कम्युनिकेशंस वेलियाथ के पोर्टफोलियो में दूसरी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाला शेयर है। उनका मानना है कि इसमें लंबी अवधि में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता है। इस शेयर का प्राइस भी सही है। ऐसे में यह रिस्क-रिटर्न के लिहाज से अट्रैक्टिव है। उन्होंने मनीकंट्रोल को बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस के डिजिटल डेटा रेवेन्यू की कंपाउंड एनुअल ग्रोख अगले चार से पांच साल में 18-20 फीसदी रहने की उम्मीद है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 23-25 फीसदी और रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) 25 फीसदी से ज्यादा रह सकती है।
उन्होंने बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस के पास 750 एकड़ का लैंडबैंक है। इसकी वैल्यू कंपनी के करेंट मार्केट कैपिटलाइजेशन के करीब एक-तिहाई हो सकती है। कंपनी खुद को हायपरकनेक्टेड डिजिटल इकोसिस्टम में 'CommTech' के रूप में पेश करना चाहती है। इस तरह इसकी पॉजिशनिंग ट्रेडिशनल टेलीकॉम कंपनियों से अलग होगी। ए एस लक्ष्मीनारायण (सीईओ) के नेतृत्व में कंपनी ने हाई ROCE और ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल किया है। साथ ही कर्ज में कमी करने में भी सफल रही है।
ओल्ड इकोनॉमी शेयरों पर ज्यादा भरोसा
इनवेस्टमें के लिहाज से वेलियाथ न्यू-एज कंपनियों के मुकाबले ओल्ड इकोनॉमी स्टॉक्स को पसंद करते हैं। उन्हें ओल्ड इकोनॉमी स्टॉक्स के बिजनेस डायनेमिक्स से जुड़ी ऑपरेटिंग हिस्ट्री और सिंपलिसिटी पसंद है। उन्होंने यह माना कि वह Paytm में 500 से नीचे के लेवल पर इनवेस्ट करने का मौका चूक गए। हालांकि, इस बात का उन्हें अफसोस नहीं है। उनका मानना है कि ऐसी कई कंपनियां है, जिनमें निवेश के मौके हैं।