स्पोर्ट्स कार बनाने वाली कंपनी पोर्श (Porsche) में और करीब 4,100 नौकरियां जाने वाली हैं। यह फॉक्सवैगन की बड़े पैमाने पर बदलाव की योजना का हिस्सा है। यह फैसला पोर्श में आ रही दिक्कतों की वजह से मुनाफे में कमी की चेतावनी के बाद लिया गया है। जर्मन बिजनेस अखबार 'हैंडल्सब्लैट' की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। पोर्श, फॉक्सवैगन का हिस्सा है और फॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार मेकर है। यह Audi की भी मालिक है। रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सवैगन के सुपरवाइजरी बोर्ड के हालिया समझौते के दस्तावेजों में ग्रुप के अब तक के सबसे बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत पोर्श में लगभग 4,100 कर्मचारियों की कटौती का प्रस्ताव है।
इसका मकसद खर्च और उपलब्ध पैसे के बीच लगभग 80.38 करोड़ डॉलर के अंतर को कम करना है। सरल शब्दों में कंपनी को अपने खर्च कम करने हैं। अखबार का कहना है कि नौकरियों में 4100 नई कटौतियां मौजूदा समझौतों के अलावा होंगी, यानि कि पहले से की गई या की जा रही छंटनी के अलावा। इस साल जुलाई में, पोर्श मैनेजमेंट और लेबर प्रतिनिधियों के बीच पहले से तय 4,000 नौकरियों की कटौती के अलावा 5,000 और लोगों की छंटनी पर सहमति बनी थी।
हाल ही में फॉक्सवैगन ने पूरे साल के लिए अपने मार्जिन टारगेट को कम कर दिया। अब उसे पहले के 4.0-5.5% की रेंज के बजाय ज्यादा से ज्यादा 1% मार्जिन की उम्मीद है।
Volkswagen में और 50000 लोगों की छंटनी को मिल चुकी है मंजूरी
इससे पहले सितंबर की शुरुआत में सामने आया था कि जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना 'फ्यूचर प्लान 2030' को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। कंपनी ने इसके पीछे ग्लोबल कॉम्पिटीशन, बदलती मांगों और टेक्नोलॉजी में बदलाव का हवाला दिया है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फॉक्सवैगन के 89 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान है। इसमें जर्मनी के उन 4 प्लांट के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना भी शामिल है, जिनके मॉडल अगले दशक में खत्म हो जाएंगे। AFP की एक रिपोर्ट में कहा गया कि फॉक्सवैगन के मैनेजमेंट और यूनियनों के बीच इस दशक के आखिर तक कुल 1,00,000 नौकरियां कम करने पर सहमति बन गई है। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।
Volkswagen India 12% जॉब करने वाली है कट
ब्लूमबर्ग की एक दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। कंपनी भारत में अपने अगले इन्वेस्टमेंट साइकिल से पहले लागत कम करना चाहती है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है। इसके तहत कुछ सौ व्हाइट-कॉलर और शॉप-फ्लोर नौकरियां खत्म हो सकती हैं। कहा जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद फॉक्सवैगन के भारत में नेक्स्ट जनरेशन गाड़ियां लॉन्च करने से पहले कामकाज में करोड़ों डॉलर बचाना है।