Annu Projects Share Price: टेलीकॉम सेक्टर से लेकर गैस पाइपलाइन के लिए EPC कंपनी अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने निवेशकों को ऐसा झटका दिया कि आईपीओ निवेशक अब भी मुनाफे के लिए तरस रहे। लिस्टिंग से लेकर अब तक महज 12 कारोबारी दिन हुए हैं और इनमें 8 कारोबारी दिन तो यह 5% के लोअर सर्किट पर बंद हुआ। सिर्फ यही नहीं रिकॉर्ड निचले स्तर से रिकवरी के बावजूद अब भी आईपीओ निवेशक 49% घाटे में हैं। लिस्टिंग के ही दिन इसने कमजोरी दिखाना शुरू कर दिया। एक अहम बात और है कि ग्रे मार्केट से इसकी कमजोर लिस्टिंग के संकेत मिल तो रहे थे लेकिन स्थिति इतनी बुरी होगी, इसका अंदाजा नहीं था।
ग्रे मार्केट में इसकी जीएमपी आईपीओ प्राइस से 7% प्रीमियम से 7% डिस्काउंट तक आई थी और मार्केट में इसकी 27% तक डिस्काउंट पर एंट्री हुई थी। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹99 के भाव पर जारी हुए थे। अभी की बात करें तो 18 सितंबर को बीएसई पर यह 2.48% की बढ़त के साथ ₹50.48 के भाव पर बंद हुआ था। अब इसकी सर्किट लिमिट 20% है।
अब तक कैसा रहा शेयरों का सफर
अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹99 के भाव पर जारी हुए थे। लिस्टिंग के दिन यानी 2 सितंबर को बीएसई पर इसकी ₹75 पर एंट्री हुई। भारी डिस्काउंट पर एंट्री के बाद शेयरों ने संभलने की कोशिश की थी और उछलकर यह ₹₹78.74 के अपर सर्किट तक पहुंचा था लेकिन फिर पहले ही दिन से मुनाफावसूली का जो दौर शुरू हुआ, उसने तीन हफ्ते से भी कम समय में आईपीओ निवेशकों की पूंजी आधी से भी कम कर दी। 17 सितंबर को बीएसई पर यह ₹46.56 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था जोकि आईपीओ प्राइस से 52.97% डाउनसाइड है। 12 कारोबारी दिनों में यह सिर्फ दो दिन 10 सितंबर और 18 सितंबर को ग्रीन जोन में बंद हुआ तो 8 दिन लोअर सर्किट पर।
अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों में बिकवाली का यह दबाव तो तब है, जब इसकी वित्तीय सेहत कागजों में काफी मजबूत दिख रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 38% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹33.03 करोड़ और टोटल इनकम 25% से अधिक के सीएजीआर से ₹244.59 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹52.54 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹107.45 करोड़ पड़े थे। प्रमोटर्स के होल्डिंग की बात करें तो लिस्टिंग के बाद यह 89.11% से घटकर 65.05% पर आ गई है।
अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों पर दबाव की एक वजह तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन रही। 2 सितंबर से अब तक निफ्टी 50 करीब 3% कमजोर हुआ है और 12 कारोबारी दिनों में यह 5 ही दिन ग्रीन रहा।
अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों पर कुछ ही सेक्टर्स और ग्राहकों पर इसके कारोबार की अधिक निर्भरता ने भी दबाव डाला। कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में इसका 94.17% रेवेन्यू टेलीकॉम और सीवरेज इंफ्रा से आया जबकि गैस पाइपलाइन से महज 4.03% ही रेवेन्यू आया। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 में 97.96% रेवेन्यू इसे टॉप-10 क्लाइंट्स से मिला।
वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के हिसाब से इसके कारोबार में बिहार, गोवा और पश्चिम बंगाल की 64% से अधिक हिस्सेदारी है, जिसमें से अकेले बिहार में ही इसका 32% से अधिक कारोबार है।
एक और अहम झटका ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश फ्लो का निगेटिव होना है।
वित्त वर्ष 2026 में इसके टॉप-टेन सप्लायर्स की कुल सप्लाई में हिस्सेदारी 67.92% थी।
कंपनी के सामने एक और बड़ा रिस्क ऑपरेशनल रेवेन्यू की तुलना में ट्रेड रिसीवेबल्स डेज की बढ़ती संख्या है यानी कि कंपनी को ग्राहकों से अफना पैसा वसूलने में लगने वाला समय लगातार बढ़ रहा है जोकि वित्त वर्ष 2024 में 138 दिन और वित्त वर्ष 2025 में 163 दिनों से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 237 दिनों पर पहुंच गया।
अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने आईपीओ प्राइस के मुकाबले आधे से अधिक टूटने के बाद निचले स्तर से वापसी की है। अब इसकी चाल आगे कैसी रही, यह मार्केट सेंटिमेंट के अलावा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि जून 2026 तिमाही में इसकी कारोबारी सेहत कैसी रही। कंपनी ने 18 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 23 सितंबर को इसके बोर्ड की बैठक में जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पर चर्चा होगी यानी 23 सितंबर को इसका जून 2026 तिमाही का रिजल्ट आ सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।