बाजार के लिए मिल रहे अच्छे संकेत, ऑटो एंसलरी सेक्टर के इन दो शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद

सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि वेस्ट एशिया में जो संघर्ष चल रहा है उसमें सुधार की कोई संभावना अभी तक दिख नहीं रही है। इसी के कारण कच्चे तेल का प्राइस भी ऊपर है। भारत सहित दुनिया भर के बाजारों पर दबाव भी है। लेकिन इंडिया के लिए एक बहुत ही पॉजिटिव डेवलपमेंट यह हुआ है कि डॉलर के मुकाबले रुपया स्टेबल हो रहा है

अपडेटेड Sep 03, 2026 पर 1:34 PM
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अपने पसंदीदा शेयरों और सेक्टरों पर बात करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि वे ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर पिछले लगभग 1 साल से बुलिश हैं। यह नजरिया अभी भी बना हुआ है

कमाई वाले सेक्टर्स और शेयर्स पर बात करते हुए मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि FCNR(B) स्कीम के जरिए जुटाए गए रिकॉर्ड 127 बिलियन डॉलर आरबीआई की उम्मीद से ही बहुत ज्यादा है। यह एक बहुत बड़ी रकम है और इसी के कारण मार्केट आज जोश में आया है। बीएफएसआई सेगमेंट में एक्साइटमेंट ज्यादा है। ओवरऑल मार्केट में भी थोड़ा बहुत जोश है। हाल में आए जीडीपी के आंकड़े भी अच्छे रहे हैं। तमाम इंडिकेटर्स काफी अच्छे संकेत दे रहे हैं। अगर आप इंडिकेटर्स पर ध्यान दें तो ऑटो सेल्स नंबर, जीएसटी कलेक्शन हर जगह से यह साफ दिखता है कि इकोनॉमी में मोमेंटम है और मोमेंटम मेंटेन हुआ है। ऐसे में मार्केट में खुशी लौटी है।

लेकिन वेस्ट एशिया में जो संघर्ष चल रहा है उसमें सुधार की कोई संभावना अभी तक दिख नहीं रही है। इसी के कारण कच्चे तेल का प्राइस भी ऊपर है। भारत सहित दुनिया भर के बाजारों पर दबाव भी है। लेकिन इंडिया के लिए एक बहुत ही पॉजिटिव डेवलपमेंट यह हुआ है कि डॉलर के मुकाबले रुपया स्टेबल हो रहा है। इससे एफआईआई के नजरिए से इंडिया की पोजीशन में सुधार होगा। इससे आने वाले दिनों में इंडियन कैपिटल मार्केट को सपोर्ट मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में कॉस्ट का प्रेशर था। लेकिन FCNR(B) स्कीम के जरिए जुटाए गए डिपॉजिट का उसका कॉस्ट कम हो जाएगा। इंडियन बैंकिंग सिस्टम इस स्कीम का बिगेस्ट गेनर है।

अपने पसंदीदा शेयरों और सेक्टरों पर बात करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि वे ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर पिछले लगभग 1 साल से बुलिश हैं। यह नजरिया अभी भी बना हुआ है। निवेश के नजरिए से ऑटो एंसिलरी स्पेस बहुत ही अच्छा लग रहा है। अगर कोई पूरे ऑटो सेक्टर पर बुलिश है तो ऑटो कंपनी शेयरो के बजाय ऑटो एंसलरी शेयरों पर फोकस करें। अगर आप अगले 6 महीने या 1 साल के नजरिए से खरीदारी कर रहे है तो संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल और सोना बीएलडब्ल्यू प्रेसिजन फोर्जिग्स जैसे शेयरों पर नजर रखें। बाजार में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव तो चलते रहेंगे। लेकिन अगर आप इन शेयरों में लंबे नजरिए से बने रहेंगे तो अच्छा पैसा बनेगा। ये कंपनियां सिर्फ भारतीय ओईएम सिस्टम में ही इंटीग्रेटेड नहीं है,बल्कि दुनिया भर के ओएम सिस्टम में इंटीग्रेटे हो गई हैं। इसके अलावा ये कंपनियां दूसरे कारोबार जैसे एरोस्पेस में भी अच्छा काम कर रही हैं। ये ग्लोबली इंटीग्रेटेड कंपनियां। इससे साथ ही इनकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी भी बढ़ रही है। इन शेयरों पर हमें नजर रखनी चाहिए।


 

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