Power Stocks: अगले तीन से चार वर्षों के लिए वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने तीन स्टॉक्स चुने हैं। तीन खास वजहों से जेपीमॉर्गन ने हिताची एनर्जी इंडिया, जीई वर्नोवा टीएंडी और सीमेन्स एनर्जी की कवरेज शुरू की है। इसका असर आज इनके शेयरों पर भी दिख रहा है। जेपीमॉर्गन ने हिताची एनर्जी इंडिया और जीई वर्नोवा टीएंडडी को ओवरवेट रेटिंग दी है तो इनके शेयरों में तेजी दिखी। फिलहाल 10:40 पर बीएसई पर हिताची एनर्जी इंडिया यानी पावर इंडिया के शेयर 2.21% की बढ़त के साथ ₹26,480.00 (Power India Share Price) और जीई वर्नोवा टीएंडी के शेयर 4.53% के उछाल के साथ ₹3895.30 (GE Vernova T&D Share Price) पर है। वहीं सीमेन्स एनर्जी की न्यूट्रल रेटिंग मिली है तो इनमें सुस्ती दिखी और फिलहाल बीएसई पर यह 0.64% की गिरावट के साथ ₹3207.00 (Siemens Energy Share Price) पर है।
क्या हैं Power India, GE Vernova T&D और Siemens Energy के टारगेट?
पावर इंडिया के शेयरों को लेकर जेपीमॉर्गन ने ₹29,000 का टारगेट प्राइस फिक्स किया है। वहीं जीई वर्नोवा टीएंडडी का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म ने ₹4,300 और सीमेन्स एनर्जी का टारगेट प्राइस ₹2,600 पर फिक्स किया था।
तीन वजहों से JPMorgan ने शुरू की कवरेज
जेपीमॉर्गन के नोट के मुताबिक देश की हाई-वोल्टेज पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियां दस साल की ग्रोथ के रास्ते में है क्योंकि ग्रिड रिन्यूएबल में हो रहे बदलाव के साथ तालमेल बिठा रहा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि तीन वजहों से अगले तीन से चार वर्षों में हिताची एनर्जी (पावर इंडिया), जीई वर्नोवा टीएंडी और सीमेन्स एनर्जी की स्थिति स्थिर दिखती है।
1. देश की योजनवा अगले दशक में सोलर और विंड पावर में 470 गीगावाट की क्षमता जोड़ने की है।
2. रिन्यूएबल इंटीग्रेशन के लिए तकनीक के तौर पर एचवीडीसी एडॉप्शन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। योजना के तहत वर्ष 2036 तक 80 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का एचवीडीसी प्रोजेक्ट जिक्र है यानी कि अगले पांच से छह वर्षों में कंपनियों को र$1400-$1500 करोड़ के ऑर्डर मिल सकते हैं।
3. रिन्यूएबल्स, ग्रिड अपग्रेड और एआई से लैस लोड ग्रोथ के चलते वैश्विक ऑर्डर बुक में लगातार उछाल के चलते निर्यात लगातार आगे बढ़ रहा है।
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