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प्रशांत जैन ने आईपीओ में निवेश की स्ट्रेटेजी बताई, कहा-निवेश से पहले दो चीजों को देखने की जरूरत है

प्रशांत जैन ने कहा कि आईपीओ में निवेश के दौरान उनका नजरिया शॉर्ट टर्म का नहीं होता। वह लंबी अवधि के लिए कंपनियों के आईपीओ में निवेश करते हैं। लिस्टिंग पर मुनाफा कमाना उनका मकसद नहीं होता है। यह साल आईपीओ के लिए लिहाज से काफी अच्छा रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 30, 2024 पर 4:16 PM
प्रशांत जैन ने आईपीओ में निवेश की स्ट्रेटेजी बताई, कहा-निवेश से पहले दो चीजों को देखने की जरूरत है
प्रशांत जैन ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भारतीय इकाइयां इंडिया में लिस्टिंग कराने पर जोर दे रही हैं। इसकी वजह विदेश के मुकाबले इंडिया में ज्यादा वैल्यूएशन है।

3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के फाउंडर और दिग्गज फंड मैनेजर ने आईपीओ में निवेश की अपनी स्ट्रेटेजी बताई। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि आईपीओ पेश करने वाली कंपनी का बिजनेस मॉडल टिकाऊ है और वैल्यूएशन सही है तो वह उसमें निवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों के आईपीओ में निवेश करने में उन्हें काफी खुशी होती है। उन्होंने कहा कि किसी कंपनी के आईपीओ में निवेश वह लंबी अवधि के लिए करते हैं।

लंबी अवधि के लिए निवेश

जैन (Prashant Jain) ने बताया कि आईपीओ (IPO) में निवेश के दौरान हमारा नजरिया शॉर्ट टर्म नहीं होता। हमारा मकसद लिस्टिंग पर शेयरों को बेचना नहीं होता है। आईपीओ मार्केट के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ मेजदार ट्रेंड देखने को मिले हैं। यह साफ है कि आईपीओ की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कंपनियों में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घट रही है। इसकी बड़ी वजह डायल्यूशन है। उन्होंने कहा कि इंडियन कैपिटल मार्केट्स के इतिहास में हमने पहली बार बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी घटाते देखा है।

इंडिया में लिस्ट कराना चाहती हैं विदेशी कंपनियां

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