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छोटे-मझोले शेयरों पर दबाव, मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे, MF स्ट्रेट टेस्ट के नतीजे आने शुरू

MF stress test : स्मॉलकैप सेक्टर में बढ़ती लिक्विडिटी पर बढ़ती जांच और चिंताओं ने निवेशकों को डरा दिया। जिसके चलते वे मिड और स्मॉलकैप में आंशिक मुनाफा बुक करते दिख रहे हैं। एएमएफआई ने अपने सदस्यों को 15 मार्च से हर 15 दिनों में स्ट्रेस टेस्ट के नतीजों का खुलासा करना अनिवार्य कर दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 15, 2024 पर 2:51 PM
छोटे-मझोले शेयरों पर दबाव, मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे, MF स्ट्रेट टेस्ट के नतीजे आने शुरू
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार मिड और स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड योजनाओं द्वारा किए गए तनाव परीक्षणों के परिणामों पर बारीकी से नजर बनाए हुए

MF stress test : छोटे और मझोले शेयरों में हाल के दिनों में गिरावट आई है, क्योंकि महंगे वैल्यूएशन को लेकर चिंताओं के कारण इन पर सेबी की निगरानी बढ़ गई है। म्यूचुअल फंडों के लिए सेबी द्वारा अनिवार्य किये गए स्ट्रेस टेस्ट ने निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ा दी है, जिससे ब्रॉडर मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले कारोबारी सत्र यानी 14 मार्च के करेक्शन के बाद 15 मार्च को भी ब्रॉडर मार्केट लाल रंग में दिख रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स ने स्ट्रेस टेस्ट के नतीजे साझा करने शुरू कर दिये हैं। उसके बाद से छोटे-मझोले शेयरों पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। दोपहर के आसपास, बीएसई मिडकैप इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप 1 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा था।

म्यूचुअल फंड स्कीमों में झाग बनने को लेकर घबराहट

स्मॉलकैप सेक्टर में बढ़ती लिक्विडिटी पर बढ़ती जांच और चिंताओं ने निवेशकों को डरा दिया। जिसके चलते वे मिड और स्मॉलकैप में आंशिक मुनाफा बुक करते दिख रहे हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) को हाल में दी गई सलाह में कहा था निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए म्युचुअल फंड़ो के स्कीमों के बारे में अधिक खुलासा करने को कहा जाय। इसके बाद से स्मॉल और मिडकैप म्यूचुअल फंड स्कीमों में झाग बनने को लेकर घबराहट की भावना पैदा हो गई थी।

अनिवार्य स्ट्रेस टेस्ट ने घबराहट बढ़ाई

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