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अगस्त में प्राइवेट सेक्टर की एक्टिविटी 3 महीने के निचले स्तर 60.5 पर आई

अगस्त महीने में प्राइवेट सेक्टर की एक्टिविटी तीन महीने के निचले स्तर 60.5 पर आ गई। जो कि एक महीने पहले 60.7 के स्तर पर थी। 22 अगस्त को जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार ये पता चला है। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स 60 मार्क से ऊपर रहा। जो मजबूत ग्रोथ का संकेत दे रहा है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Aug 22, 2024 पर 11:33 AM
अगस्त में प्राइवेट सेक्टर की एक्टिविटी 3 महीने के निचले स्तर 60.5 पर आई
पहली तिमाही में भारत की GDP growth दर कम होने की संभावना है। बता दें कि सरकार 30 अगस्त को जीडीपी डेटा जारी करेगी

Private sector activity in August - आज गुरूवार 22 अगस्त को जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार प्राइवेट सेक्टर की एक्टिविटी अगस्त में तीन महीने के निचले स्तर 60.5 पर आ गई। जो कि एक महीने पहले 60.7 के स्तर पर थी। हालांकि, एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स (HSBC Flash India Composite Output Index) 60 मार्क से ऊपर रहा। जो मजबूत वृद्धि का संकेत देता है। इंडेक्स में लगातार 37 महीनों से विस्तार देखने को मिला है।

इंडेक्स के मुताबिक, मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस एक्टिविटी (manufacturing and services activity) दोनों मजबूत रहने की उम्मीद है। भारत की मैन्यूफैक्चरिंग एक्टिविटी जुलाई में पिछले महीने के 58.3 से घटकर 58.1 हो गई। जबकि इस अवधि में सर्विस पीएमआई (services PMI) 60.5 से घटकर 60.3 हो गई।

दोनों श्रेणियों में महंगाई कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। ये एक चिंता का कारण है। जैसे-जैसे मैन्यूफैक्चरर लागत का भार पास ऑन करते हैं। मुख्य महंगाई (core inflation) बढ़ने की संभावना बनी रहती है। इससे हेडलाइन महंगाई (headline inflation) को और बढ़ जाएगी।

12 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता महंगाई (Consumer inflation) जुलाई में घटकर 3.5 प्रतिशत हो गई। जो पिछले महीने में 5.1 प्रतिशत रही थी। लेकिन कीमतें मासिक आधार पर बढ़ीं।

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