ऐसी कंपनियों के भविष्य का फैसला इस महीने के मध्य में हो सकता है, जिनमें सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी या इससे अधिक है। सेबी के बोर्ड की बैठक 18 जून को होने वाली है। इसमें इन सरकारी कंपनियों को डीलिस्टिंग के मौजूदा नियमों से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि सेबी के बोर्ड की मीटिंग में 90 फीसदी या इससे ज्यादा सरकार की हिस्सेदारी वाली कंपनियों को डीलिस्टिंग के नियमों से छूट मिल सकती है। सेबी ने इस बारे में 6 मई को एक डिस्कशन पेपर इश्यू किया था। इसमें कहा गया है कि 90 फीसदी या इससे ज्यादा सरकार की हिस्सेदारी वाले पीएसयू मिनिमम शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन किए बगैर खुद के डीलिस्ट करा सकते हैं।
